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Delhi : इंप्लांट के अभाव में मरीजों को सर्जरी टेबल से लौटा रहा है एम्स, बिहार की महिला ने साझा की आपबीती

Sat, 15 Jun 2024 06:49 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली

सार

मरीजों का आरोप है कि लंबी जांच के बाद सर्जरी की तारीख मिली। सभी जांच होने के बाद सर्जरी करने के लिए टेबल तक ले गए। तभी अचानक कहा गया कि अभी इंप्लांट नहीं आया, ऐसे में सर्जरी नहीं हो सकती।
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एम्स - फोटो : ANI
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विस्तार
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आर्थोपेडिक इम्प्लांट के अभाव में एम्स मरीजों को सर्जरी टेबल से लौटा रहा है। मरीजों का आरोप है कि लंबी जांच के बाद सर्जरी की तारीख मिली। सभी जांच होने के बाद सर्जरी करने के लिए टेबल तक ले गए। तभी अचानक कहा गया कि अभी इंप्लांट नहीं आया, ऐसे में सर्जरी नहीं हो सकती।

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दरअसल, बिहार के समस्तीपुर निवासी संगीता देवी अपने बेटे ओम प्रकाश पासवान की सर्जरी करवाने के लिए एम्स का चक्कर लगा रही है। उनका कहना है कि साल 2011 में उनके बेटे का दुर्घटना में एक हाथ टूट गया था। उस समय स्थानीय अस्पताल में जांच करवाई। डॉक्टर ने जरूरत के आधार पर इंप्लांट भी लगा दिया। लेकिन समय के साथ स्थिति खराब होती गई। स्थिति खराब होने के बाद बेटे को दिल्ली एम्स लेकर आई। यहां लंबी जांच के बाद डॉक्टर ने सर्जरी करने का सुझाव दिया और 30 मई को भर्ती होने की तारीख दी। 

30 मई को अस्पताल आने के बाद अगले दिन आने को कहा। एक जून को जब वापस आई तो सभी जांच के बाद मरीज को ऑपरेशन के लिए टेबल तक ले गए। काफी देर तक अंदर रखने के बाद उसे वापस ले आए और कहा गया कि अभी इंप्लांट नहीं आए हैं। संगीता देवी का कहना है कि डॉक्टर ने इंप्लांट के बारे में पूछने पर उन्होंने आयुष्मान कार्यालय भेज दिया। वहीं आयुष्मान कार्यालय से पूछताछ के दौरान पता चला कि सभी औपचारिकता पूरी हो गई है। संगीता देवी ने कहा कि सर्जरी के अभाव में परेशान हो रही है। वहीं इस बारे में एम्स प्रशासन ने जांच के बाद ही कुछ कहने का दावा किया। जबकि डॉक्टरों का कहना है कि आयुष्मान के मरीजों को एम्स नियम के तहत इंप्लांट उपलब्ध करवाता है।
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चुनाव से पहले दिए गए थे निर्देश
एम्स में इंप्लांट को लेकर उठे सवालों के बीच आम चुनाव से पहले स्वास्थ्य मंत्रालय ने बैठक कर समस्या को दूर करने का आदेश दिया था। बैठक में इंप्लांट की उपलब्धता और गुणवत्ता सहित अन्य पर चर्चा हुई। चर्चा के बाद अधिकारियों ने निशुल्क जेनरिक फार्मेसी व अमृत फार्मेसी का संचालन कर रही कंपनी को एम्स में मरीजों के इलाज में इस्तेमाल होने वाले इंप्लांट की उपलब्धता सुनिश्चित करने की चेतावनी के साथ निर्देश दिया है।

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