अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) ने सभी इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट और होटल मैनेजमेंट कॉलेजों से शैक्षणिक सत्र 2020-21 में ट्यूशन फीस न बढ़ाने की मांग रखी है। एआईसीटीई ने सभी तकनीकी कॉलेज प्रबंधन को इस संबंध में पत्र लिखा है। इसमें लिखा है कि वैश्विक महामारी कोविड-19 से बचाव के लॉकडाउन के चलते आम लोगों के आर्थिक हालात ठीक नहीं हैं। इसलिए वे इस साल ट्यूशन फीस में कोई बढ़ोतरी न करें। इसके अलावा फीस जमा करने के लिए अभिभावकों को समय देने का भी आग्रह किया है।
आर्थिक हालात ठीक नहीं, अभिभावकों पर न डालें बोझ
आईआईटी, एनआईटी और आईआईआईटी की तर्ज पर एआईसीटीई ने देश के सभी इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट, होटल मैनेजमेंट समेत अन्य तकनीकी कॉलेजों से ट्यूशन फीस न बढ़ाने की मांग रखी है। इससे पहले मानव संसाधन विकास मंत्रालय की मांग आईआईटी, एनआईटी और आईआईआईटी ने शैक्षणिक सत्र 2020-21 में ट्यूशन फीस न बढ़ाने का फैसला लिया था। अब एआईसीटीई की मांग पर तकनीकी कॉलेज भी छात्रों को राहत दे सकते हैं।
फीस तो देनी होगी पर एकमुश्त नहीं
एआईसीटीई ने साफ किया है कि तकनीकी कॉलेजों के छात्रों को फीस तो देनी होगी पर एकमुश्त नहीं। कुछ छात्रों और अभिभावकों को भम्र हुआ है कि एआईसीटीई ने फीस न देने को कहा है, हालांकि ऐसी कोई बात नहीं है। कॉलेजों को भी अपने खर्च पूरे करने और शिक्षकों को वेतन देना है। इसलिए आगामी सत्र में फीस न देने का कोई ऐलान नहीं हुआ है। कॉलेज प्रबंधन अभिभावकों को फीस देने का पर्याप्त समय देगा। क्योंकि कई अभिभावक शिक्षा लोन लेते हैं, लेकिन लॉकडाउन के चलते शिक्षा लोन के लिए कागजी कार्रवाई पूरी करना मुश्किल है। इसलिए उन्हें पर्याप्त समय दिया जाए।
तकनीकी कॉलेजों से ट्यूशन फीस न बढ़ाने की रखी है मांग:
शैक्षणिक सत्र 2020-21में तकनीकी कॉलेज प्रबंधन से ट्यूशन फीस न बढ़ाने की मांग रखी है। इसका मकसद अभिभावकों को ट्यूशन फीस बढ़ोतरी से राहत दिलवाना है। क्योंकि कोरोना हालात के चलते अभिभावकों के आर्थिक हालात ठीक नहीं है। इसके अलावा फीस जमा करने केलिए कॉलेजों से अभिभावकों को समय देने की मांग रखी है। क्योंकि इस समय वे एकमुश्त फीस नहीं दे सकते हैं। -प्रो. अनिल डी सहस्रबुद्धे, चेयरमैन, एआईसीटीई।