आहूजा हत्याकांड की शिकायत सीएम सेल से किए जाने पर चार माह बाद पुलिस एक बार फिर हरकत में आई है। घटना का खुलासा करने के लिए क्राइम ब्रांच डीएलएफ और बड़खल को संयुक्त रूप से जिम्मेदारी सौंपी गई है।
18 अगस्त 2014 को एनआईटी पांच निवासी व्यवसायी राणा प्रताप आहूजा की अपहरण के बाद हत्या कर दी गई थी। इस चर्चित हत्याकांड में पुलिस के हाथ अभी तक खाली हैं। पांच जनवरी को राणा की पत्नी रेखा आहूजा ने सीएम सेल को शिकायत देकर आरोपियों को पकड़ने के लिए गुहार लगाई थी।
इसके पांच दिन बाद हत्याकांड की जांच और आरोपियों को पकड़ने का जिम्मा अब डीएलएफ-बड़खल सीआईए टीम को दिया गया है। सीआईए डीएलएफ के इंचार्ज सब-इंस्पेक्टर सतेंद्र रावल और बड़खल के इंचार्ज इंस्पेक्टर विमल राय टीमों को लीड करेंगे।
ज्ञात हो कि एनआईटी पांच निवासी आहूजा बीते साल 18 अगस्त को अपने कैशियर दीपक को घर जाने की बात कहकर ऑफिस से निकले थे, लेकिन घर नहीं पहुंचे थे।
इसी दौरान उनका दोस्त भी ऑफिस पहुंच गया और राणा को फोन मिलाया तो बंद था। एनआईटी पांच में स्टैंडर्ड ढाबा है। इसके अलावा शेयर मार्केट, फाइनेंस, प्रॉपर्टी और कमेटियों का कारोबार था।
16 दिन बाद पुलिस को राणा का शव मोहना पुल के पास यमुना नदी में मिला था। उनके गले में रस्सी बंधी हुई थी और शव के साथ 20 किलो के बाट से बांधकर फेंका गया था ताकि शव ऊपर ना आ सके।
पुलिस ने अब तक राणा के करीबियों, रिश्तेदारों और कर्मचारियों सहित कई लोगों से पूछताछ कर चुकी है, लेकिन अभी तक कुछ हाथ नहीं लगा है।
व्यवसायी की पत्नी रेखा आहूजा ने सीएम को भेजी शिकायत में पुलिसकर्मियों पर आरोपियों को बचाने और लापरवाही बतरने का आरोप लगाया है।
उधर, डीएलएफ के इंचार्ज सब-इंस्पेक्टर सतेंद्र रावल ने बताया कि दोनों सीआईए की टीमें मिल कर जांच करेगी और तथ्यों को दोबारा से खंगाला जाएगा। पूरा प्रयास होगा कि हत्यारोपी जल्द पुलिस के शिकंजे में हों।