जिला परिषद प्रमुख अनीसा बानो की जन्म तिथि को लेकर सवाल खड़ा किया गया है। दावा किया जा रहा है कि अनीसा बानो इस वर्ष संपन्न हुए पंचायत चुनाव में जिला परिषद के चुनाव को लड़ने की आयु योग्यता नहीं रखती थीं।
शिकायतकर्ता वसीम आजाद ने जिला प्रमुख अनीसा बानो की हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड द्वारा जारी 10वीं कक्षा की मार्कशीट उपलब्ध कराते हुए कहा है कि इस सर्टिफिकेट में अनीसा बानो की जन्म तिथि 10 अगस्त 1995 दर्शायी गई है। इस जन्म तिथि के अनुसार इस वर्ष हुए पंचायती चुनावों तक उनकी आयु 21 साल पूरी नहीं होती।
वसीम आजाद ने अनीसा बानो, उनके ससुर व भाजपा नेता आलम मुंडल पर आरोप लगाया है कि मुंडल ने अनीसा बानो की जन्मतिथि से संबंधित फर्जी कागजात तैयार कराए हैं और अनीसा बानो का जन्म 1995 के स्थान पर 1994 दिखाकर उसकी आयु को एक साल कम कर दिया गया है।
वसीम आजाद ने इसके लिए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों, आंगनबाड़ी विभाग की कार्यकर्ता तथा गांव के चौकीदार पर अनीसा बानो की गलत जन्म तिथि के कागजात तैयार करने के आरोप लगाए हैं।
वसीम आजाद ने बताया कि अनीसा बानो मार्च 2013 में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय नगीना की छात्रा थीं लेकिन इसी शैक्षिक सत्र 2013 में ही अनीसा बानो द्वारा बोर्ड आफ सेकेंड्री एज्युकेशन मध्य भारत ग्वालियर से इंटरमीडिएट परीक्षा उत्तीर्ण दिखाई गई है। जिसके सर्टिफिकेट का नंबर 3300248413 दिनांक 21 जून 2013 है।
वसीम आजाद का दावा है कि यह प्रमाण पत्र फर्जी है क्योंकि इस प्रमाण पत्र में जो स्कूल (श्री साईं सीनियर सेकेंड्री स्कूल, खैरथल जिला अलवर राजस्थान) दिखाया गया है, वह उस स्थान पर नहीं है।
वसीम आजाद द्वारा आरटीआई के तहत मांगी गई सूचना के माध्यम से प्राप्त गांव चौकीदार के जन्म मृत्यु रजिस्टर की फोटोस्टेट प्रति भी उपलब्ध कराई गई। जिसमें अनीसा बानो का जन्म साल 1994 का दिखाया गया है जो गलत है।
वसीम आजाद ने दावा किया कि इससे यह साफ हो जाता है कि गांव के रजिस्टर में अनीसा बानो के जन्म को बाद में दर्ज किया गया है। उन्होंने बताया कि वे इस मामले को दो बार जिला उपायुक्त के समक्ष उठा चुके हैं तथा सीएम विंडो पर भी इसकी शिकायत दर्ज कराई है। लेकिन उनकी शिकायत पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। उन्होंने उपायुक्त मेवात से मांग करते हुए कहा कि जिला प्रमुख के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की जाए।