एक तो हलाला ही किसी सजा से कम नहीं, दूसरे हलाला के बाद भी अगर घरवाला न मिले तो यह और भी ज्यादती है।
ऐसा ही हुआ है नोएडा की एक महिला के साथ, जिसने शौहर के तलाक देने के बाद फिर से उसी शौहर से शादी करने के लिए बहनोई से शादी की, तलाक लिया, इद्दत कर फिर से पहले शौहर से शादी की।
इसके बावजूद शौहर ने दूसरी महिला से शादी कर ली और आरोप लगाया कि बहनोई से उसका तलाक हुआ ही नहीं। महिला की शिकायत पर एसएसपी ने महिला थाने की पुलिस को जांच के निर्देश दिए हैं।
पीड़िता की माने तो उसकी शादी विजयनगर के युवक से पांच अक्तूबर 2003 को हुई थी। पारिवारिक कलह केचलते एक मई 2014 को पति ने उसे तलाक दे दिया।
फिर उससे दोबारा शादी करने के लिए हलाला करने को कहा, शौहर ने अपने साहिबाबाद में रहने वाले बहनोई से 16 सितंबर 2014 को उसका निकाह कराया, जिसके एवज में बहनोई से पांच लाख रुपये भी लिए।
महिला का दावा है कि उसने पति के बहनोई से तलाक लिया, इद्दत कर फिर पहले शौहर से निकाह किया, लेकिन अब शौहर ने उसे मारपीट कर निकाल दिया और दूसरी शादी कर ली।
आरोपी का कहना है कि महिला ने बहनोई से तलाक लिया ही नहीं। ऐसे में वह कैसे उससे शादी कर सकता है। उस पर लगे आरोप झूठे हैं।
हलाला
शरीअत के तहत अगर शौहर बीवी को तलाक दे देता है और फिर से दोनों पति-पत्नी बनकर साथ रहना चाहते हैं तो बीवी को गैर मर्द से शादी कर सुहागरात मनानी होगी। इसके बाद वह व्यक्ति महिला को तलाक देगा फिर महिला इद्दत करेगी, इसके बाद वह अपने पहले शौहर से शादी कर सकती है। इस प्रक्रिया को हलाला कहते हैं।
‘हलाला करने के बावजूद महिला को उसका पति नहीं रख रहा है। वह कह रहा है कि महिला ने उसके बहनोई से तलाक ही नहीं लिया है। दोनों पक्षों की काउंसलिंग चल रही है।’ - अंजू तेवतिया, महिला थाना एसएचओ