दिल्ली विधानसभा चुनाव की तरह आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के चुनावी अभियान का भी विदेशों में बसे भारतीय (एनआरआई) समर्थक अहम हिस्सा होंगे।
पार्टी की रणनीति है कि अगले महीने से एनआरआई समर्थकों को विधानसभा गोद लेने के लिए प्रोत्साहित किया जाए। वहीं, फंडिंग के लिए विदेशों में कार्यक्रम भी आयोजित होगा।
फिलहाल पार्टी की ओवरसीज यूनिट का पुनर्गठन हो रहा है। इस महीने के आखिर तक अमेरिका, कनाडा, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया समेत उन देशों में आप के ओवरसीज चैप्टर के पदाधिकारी चुनावी मोड में आ जाएंगे।
दरअसल, दिल्ली चुनाव में आप की अलग-अलग देशों की ओवरसीज यूनिट ने विधानसभाओं को गोद लिया था। इसके बाद संबंधित विधानसभा के चुनावी अभियान का पूरा जिम्मा उस एनआरआई यूनिट ने निभाया था।
फंडिंग के साथ प्रचार में तकनीक का इस्तेमाल, विदेशों से मोबाइल कालिंग, स्थानीय स्तर पर कारगर रणनीति तैयार करने की जिम्मेदारी एनआरआई यूनिट ने उठायी थी। चुनाव परिणाम में इसका असर भी दिखा था।
पार्टी का पंजाबी समुदाय के बीच ज्यादा जोर
आप नेता
- फोटो : अमर उजाला
पंजाब चुनाव में भी पार्टी इसी रणनीति पर काम कर रही है। सूत्र बताते हैं कि अगले महीने से एनआरआई यूनिट को विधानसभा को गोद लेने का निर्देश दिया जाएगा।
इसके बाद सहूलियत के हिसाब से वह अपनी विधानसभा की पहचान कर उसमें काम शुरू कर देगी। वहीं, फंडिंग के लिए विदेशों में कार्यक्रम भी होंगे। इसमें जरूरत के हिसाब से मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल समेत दूसरे वरिष्ठ नेता भी शिरकत करेंगे।
पंजाबी समुदाय के बीच ज्यादा जोर
पार्टी का पूरा जोर विदेशों में बसे पंजाबी मूल के लोगों के बीच अपनी नीतियों को पहुंचाने का है। मसलन, लंदन की आप यूनिट ने पिछले 15 दिनों में ब्रिटेन की सभी गुरुद्वारा कमेटियों से संपर्क साधा है।
आप यूके के प्रवक्ता संदीप बिष्ट बताते हैं कि पिछले एक महीने में कई कार्यक्रम आयोजित किए गए है। जबकि अगले महीने केजरीवाल के इटली दौरे के अलावा सितंबर के आखिर में ही कुमार विश्वास समेत दूसरे कई नेताओं के ब्रिटेन दौरे का कार्यक्रम भी प्रस्तावित है।
दूसरी तरफ अमेरिका की यूनिट ओवरसीज चैप्टर का पुनर्गठन हो रहा है। आप की ओवरसीज यूनिट से जुड़े एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने बताया कि अमेरिका, कनाडा, आस्ट्रेलिया, ब्रिटेन के साथ दूसरे कई देशों का ओवरसीज चैप्टर इस महीने के आखिर तक तेजी से काम करने लगेगा।