इकलाख की मौत के बाद से नौ दिन से तनाव की स्थिति से गुजर रहा बिसाहड़ा गांव बृहस्पतिवार को पूरी तरह सामान्य दिखा। दसवें दिन मस्जिद में पहले की तरह लाउडस्पीकर पर नमाज अदा की गई।
गांव की सभी दुकानें खुलीं और लोकल ट्रांसपोर्ट के लाइफ लाइन टैंपो भी दौड़ते नजर आए। दोपहर बाद निजी स्कूलों की बसों में बच्चे मौज-मस्ती करते घर लौटे।
बुधवार को जिला प्रशासन की ओर से दोनों समुदाय के लोगों के बीच हुई शांति समिति की बैठक का असर बृहस्पतिवार को साफ नजर आया। गांव के मुख्य रास्ते पर एक कोतवाल समेत पुलिस बल तैनात रहा।
जांच पड़ताल के बाद आने जाने दिया जा रहा है सबको
संदिग्ध वाहनों की जांच पड़ताल के बाद उन्हें आने जाने दिया जा रहा है। स्थानीय लोगों के लिए अब कोई दिक्कत नहीं है। गांव में इक्का-दुक्का जगह ही पुलिस बल तैनात है।
अब ठेली पटरी वाले सब्जी और दैनिक जरूरत का सामान बेचते नजर आए। वहीं, गांव के रास्तों पर छोटे बच्चे भी खेलते मिले। सारा दिन बिसाहड़ा से होते हुए एनटीपीसी जाने वाले रास्ते पर निकलने वाले वाहन आते जाते रहे।
गांव में तनाव के चलते लोग मस्जिद में नमाज के दौरान लाउडस्पीकर का इस्तेमाल नहीं कर रहे थे। बृहस्पतिवार को ग्राम प्रधान संजय और अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) चंद्रशेखर ने मस्जिद पर पहुंचकर लोगों को सामान्य रूप से नमाज पढ़ने के लिए समझाया गया, जिसके बाद लाउडस्पीकर का इस्तेमाल किया गया। इसके लिए गांव के लोगों ने कहा कि किसी ने लाउडस्पीकर बंद नहीं कराए थे।
पुलिस ने कोर्ट से मांगी आठ आरोपियों की रिमांड
बिसाहड़ा कांड में गिरफ्तार आठ आरोपियों को रिमांड पर लेने के लिए पुलिस ने अदालत के समक्ष प्रार्थना पत्र दिया है, जिससे घटना का कारण और कुछ तथ्यों का खुलासा हो सके। इधर, दो फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए क्राइम ब्रांच की टीम हिमाचल प्रदेश रवाना हो गई है। दोनों आरोपियों की लोकेशन वहीं बताई जा रही है।
बिसाहड़ा गांव में 28 सितंबर रात हुए इकलाख हत्याकांड के हत्यारोपियों की गिरफ्तारी आनन-फानन में की गई थी। इसके चलते पुलिस उनसे पूछताछ नहीं कर पाई थी और कुछ ऐसे सवाल हैं जिनका पुलिस को हर हालत में जवाब चाहिए।
ऐसे में जारचा पुलिस ने बुधवार को अदालत से आरोपियों की कम से कम 48 घंटे के लिए रिमांड मांगी। पुलिस क्षेत्राधिकारी अनुराग सिंह ने बताया कि विशाल समेत सभी आठ आरोपियों से पूछताछ करनी है। अगर अदालत एक साथ रिमांड देगी तो बहुत अच्छा होगा, नहीं तो आरोपियों को अलग-अलग रिमांड पर लिया जाएगा।
उधर, पुलिस सूत्रों के मुताबिक फरार आरोपियों-हरिओम तथा सचिन की लोकेशन क्राइम ब्रांच को हिमाचल में मिली है। उनकी गिरफ्तारी के लिए एसटीएफ और क्राइम ब्रांच के कुछ अफसर रवाना हो चुके हैं और उम्मीद है कि जल्द पुलिस उनको गिरफ्तार कर लेगी। एक आला अफसर ने टीम के जाने की बात स्वीकारी है।
आईबी भी गोपनीय तरीके से कर रही जांच
बिसाहड़ा में इकबाल हत्याकांड में यूपी पुलिस की सभी विंग जांच कर रही है, मगर केंद्र सरकार भी चुपचाप नहीं बैठी है। केंद्र सरकार की ओर से इंटेलीजेंस ब्यूरो (आईबी) भी खूफिया तरीके से बिसाहड़ा जा रही है और पहले दिन से ही लगातार जांच कर रही है।
गांव में पुलिस के डर से फरार चल रहे करीब 200 युवक अभी गांव नहीं लौटे हैं। कई परिवारों में केवल महिलाएं और बच्चे ही हैं। वहीं, पुलिस के अनुसार, ऐसी कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
गांव की महिला राजवती ने बताया कि पुलिस बवाल के बाद पूछताछ के नाम पर कुछ युवकों को ले गई थी। उनको ही बाद में आरोपी बना दिया गया। पुलिस का भरोसा नहीं किया जा सकता है। इसके चलते ही युवकों को अभी वापस नहीं बुलाया गया है।