पुलिस ने ऐसे गिरोह के दो सदस्यों को पकडने में सफलता हासिल की है, जो लड़कियों के माध्यम से युवकों को फंसाने का काम करते और बलात्कार का झूठा मामला दर्ज कराने की धमकी देकर पैसा ऐंठते।
गिरोह के बाकी सदस्य फरार होने में कामयाब हो गए। पकडे गए आरोपियों में एक हरियाणा पुलिस का सिपाही भी है, जो पलवल जिले के होडल में तैनात है।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जांच अधिकारी का कहना है जल्दी ही आरोपी महिला व उनके अन्य साथियों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
जांच अधिकारी शमशुद्दीन ने बताया कि उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले के गांव भरनाखुर्द निवासी गुलाब जो फिलहाल पलवल जिले के गांव नांगल जाट में रहता है, उसने गिरोह बना रखा है।
बंद कमरे में मिलती थी लड़कियां
गिरोह में कई लड़कियां भी शामिल हैं। होडल थाने में तैनात सिपाही जावेद भी इस गिरोह का सदस्य है। उन्होने बताया कि गुलाब ने अपने गांव भरनाखुर्द निवासी करीब 22 वर्षीय रामकुमार को फोन किया कि उसके पास एक लड़की है।
अगर तू उससे मिलना चहाता है तो आ जा, तुहारी उससे बात करा देता हूं। रामकुमार गुलाब के झांसे में आ गया। गुलाब रामकुमार को नांगल जाट के जंगल में बने एक कमरे में ले गया जहां उसने एक लड़की को उससे मिलवा दिया।
जब रामकुमार और वह लडकी कमरे में चले गए तो कुछ समय बाद सिपाही जावेद और कई लोग वहां पहुंच गए। उन्होंने दरवाजा खुलवाया और रामकुमार को पीटना शुरू कर दिया।
सिपाही जावेद ने कहा कि वह पुलिस वाला है, या तो इसमें समझौता कर ले नहीं तो तुझे बलात्कार के मामले में जेल की हवा खानी पडे़गी। राम कुमार से फैसले में 10 लाख रुपये मांगे।
सिपाही की करतूत की खुली पोल
राम कुमार ने अपने बडे़ भाई महादेव को फोन कर सारी जानकारी दी। आखिरकार ढाई लाख रुपये में सौदा हो गया। सिपाही और उसके अन्य साथी फोन पर बात करते हुए पुन्हाना आ गए।
जांच अधिकारी ने बताया कि पीड़ित रामकुमार का भाई महादेव पुन्हाना आया तो किसी ने उसे सूचना दी कि इस मामले में गलत सौदाबाजी हो रही है।
महादेव पुलिस से मिला और सारी हकीकत बता दी। पुलिस ने इसके बाद पता लगाते हुए आरोपियों तक पहुंच गई। पुलिस ने गांव पटपडबास के नजदीक आरोपी सिपाही जावेद और आरोपी गुलाव को काबू कर लिया।
लेकिन आरोपी लड़की व उसके साथी फरार हो गए। पुलिस ने पीड़ित राम कुमार को भी उनके चंगुल से छुड़ा लिया।