मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले कुछ महीने से हम सब देख रहे हैं कि दिल्ली सरकार के मामलों में एलजी का हस्तक्षेप बहुत बढ़ता जा रहा है। दिल्ली की चुनी हुई सरकार के कामों में राजनीतिक मंशा से बाधा डाली जा रही है। इसकी वजह से दिल्ली के लोगों की जो जरूरतें और सपने हैं वह पूरे नहीं हो पा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि इन्ही सब वजहों को लेकर एलजी से मुलाकात की है मंशा यही थी कि अगर हमें कानून और संविधान को सझमने में गलतफहमियां हैं तो उसका समाधान किया जा सके। उन्होंने कहा कि मैं एलजी के पास संविधान, मोटर व्हीकल एक्ट, कोर्ट से आदेश लेकर गया था, ताकि सभी मसले सुलझाए जा सकें।
केजरीवाल ने बताया कि दिल्ली में पुलिस, लैंड और पब्लिक ऑर्डर तीनों मामले एलजी के लिए आरक्षित हैं। लिहाजा अन्य सभी मामलों पर निर्णय लेने के लिए दिल्ली की चुनी हुई सरकार स्वतंत्र है। केजरीवाल ने सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश का हवाला देते हुए आरक्षित मामले से इतर एलजी द्वारा लिए गए फैसलों को असंवैधानिक बताया। साथ ही एमसीडी चुनाव से पहले मोहल्ला क्लीनिक, जल बोर्ड के पेमेंट रोकने के आरोप लगाए। कहा कि जनता के काम कराने के लिए अगर पैर भी पकड़ने पड़े तो पैर भी पकड़ेंगे और कोर्ट का रास्ता भी अपनाएंगे। जनता के काम हर हाल में करवाएंगे।