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केजरी के बाद अब BJP भी बिजली कंपनियों के खिलाफ!

Mon, 10 Feb 2014 08:56 AM IST
विनोद डबास/ अमर उजाला, नई दिल्ली
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दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार के बाद भाजपा शासित तीनों नगर निगमों ने भी बिजली कंपनियों पर शिकंजा कसने की जमीन तैयार की है।
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उन्होंने बिजली कंपनियों से उनके कार्यालयों एवं सड़कों के किनारे फुटपाथों पर लगे ट्रांसफार्मरों का प्रॉपर्टी टैक्स एवं ग्राउंड रेंट व्यावसायिक दरों पर वसूलने का फैसला लिया है। इसका आने वाले अपने बजट में भी प्रावधान कर दिया है।

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तीनों निगमों के नेताओं का कहना है कि पार्कों में हरियाली के लिए लगाए ट्यूबवेलों का बिल बिजली कंपनियां व्यावसायिक दरों से लेती हैं, जबकि उसका व्यावसायिक उपयोग नहीं होता है।
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उत्तरी दिल्ली नगर निगम की स्थायी समिति के अध्यक्ष मोहन भारद्वाज का कहना है कि पार्कों में सुबह-शाम लोग घूमते हैं और दिन में बच्चे खेलते हैं। इसकी एवज में किसी से शुल्क नहीं लिया जाता।

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दक्षिणी दिल्ली नगर निगम के सदन के नेता सुभाष आर्य ने बताया कि बिजली कंपनियों से कई बार आग्रह किया गया कि वे ट्यूबवेलों का बिल व्यावसायिक दरों से नहीं लें, लेकिन बिजली कंपनियों ने कोई भी जवाब देना मुनासिब नहीं समझा। इसके चलते अब बिजली कंपनियों से उनके अंदाज में निपटा जाएगा।
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पूर्वी दिल्ली नगर निगम की स्थायी समिति के अध्यक्ष संजय सुर्जन ने तर्क दिया है कि बिजली कंपनियां जनहित में कोई कार्य नहीं कर रही हैं। वह लोगों से मोटी दरों पर घरेलू बिजली का बिल लेती हैं। इसके अलावा छोटी सी दुकान का भी वे व्यावसायिक दरों पर बिल लेती हैं। स्ट्रीट लाइट के लिए भी वह मुफ्त में बिजली नहीं देतीं।
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