जेवर के एक गांव में सामुहिक दुष्कर्म के बाद जिंदा जलाकर मारी गई छात्रा के पिता की बृहस्पतिवार को दनकौर के पास यमुना एक्सप्रेस वे की सर्विस रोड पर सड़क दुर्घटना में मौत हो गई।
मृतक के परिजनों ने ग्राम प्रधान समेत आठ लोगों पर कुचल कर हत्या करने और हत्या की साजिश रचने का आरोप लगाया है। हादसे में घायल मृतक का चचेरा भाई अस्पताल में भर्ती हैं, जिसने पुलिस को अभी तक कोई बयान नहीं दिया है।
जेवर के एक गांव निवासी 11वीं की छात्रा के साथ गांव के कुछ लोगों ने 9 मई को घर में घुसकर सामुहिक दुष्कर्म कर केरोसिन जालकर जिंदा जला दिया था, जिसमें उसकी मौत हो गई थी। इस मामले में ग्राम प्रधान के भतीजे समेत चार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई थी।
इस मामले का बदला लेने के लिए आरोपी पक्ष की एक युवती ने तुगलपुर में रहकर चार लोगों पर गैंगरेप का आरोप लगाया था और नॉलेज पार्क में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इनमें गैंगरेप पीड़िता का भाई भी शामिल बताया था। पुलिस ने उसे 29 मई से हिरासत में ले रखा था और बृहस्पतिवार को उसे पुलिस छोड़ने के लिए कह रही थी।
गैंगरेप के बाद लड़की की जलाकर की थी हत्या
बेटे को छुड़ाने के लिए उसके पिता प्रकाश चंद अपने चचेरे भाई घूरेलाल के साथ बृहस्पतिवार सुबह बाइक पर सवार होकर ग्रेटर नोएडा के लिए चला थे। मगर रास्ते में उसे एक अज्ञात कार ने रांग साइड आकर टक्कर मार दी, जिसमें दोनों घायल हो गए।
प्रकाश चंद ने अस्पताल में दम तोड़ दिया जबकि उसके चचेरे भाई की हालत भी गंभीर बनी हुई है। परिजनों ने अस्पताल के बाहर पुलिस के खिलाफ जमकर हंगामा किया था। घटना की जानकारी लगने पर नॉलेज पार्क पुलिस ने उन्हीं के परिवार के एक व्यक्ति को बुलाया और प्रकाश के बेटे को छोड़ दिया।
मृतक प्रकाश की पत्नी और बेटे रिंकू समेत अन्य लोगों ने ग्राम प्रधान रोहित, चेतन, बालादेवी, महेश, बिजेंद्र, बासी, पुनीत और उमेश के खिलाफ प्रकाश की हत्या करने का आरोप लगाया है।
पीड़ितों का आरोप है कि जिस समय प्रकाश और उसका चचेरा भाई बाइक पर सवार होकर ग्रेटर नोएडा के लिए चला था, उसी समय उक्त लोगों ने फोन पर बताया था कि वह यहां से चल दिए हैं और उन्हें आज खत्म कर दो।
बेटे को अवैध रूप से हिरासत में रखा
मृतक प्रकाश के बेटे रिंकू का आरोप है कि जिस युवती ने उस पर दुष्कर्म का आरोप लगाया था उसके पति (गांव के ही लड़के) ने फोन करके किसी बहाने से बुलाया और जबरन उसे घर ले गया।
29 मई को वहां से युवती उसे थाने ले गई। मगर अगले ही दिन उसने पुलिस के समक्ष जाकर उसे बेकसूर साबित कर दिया, लेकिन पुलिस ने उसके बाद भी युवक को रिहा नहीं किया और अवैध रूप से हिरासत में रखा। हालाकि की युवक के पिता की मौत की जानकारी पुलिस को मिली तो आनन फानन में नॉलेज पार्क पुलिस ने कार्रवाई करते हुए युवक को छोड़ दिया।
प्रकाश की हत्या के मामले में पुलिस सर्विलांस का सहारा लेगी। पुलिस सबसे पहले ऐसी कॉल डिटेल निकालेगी जिससे आरोपियों पर फोन करने का आरोप लग रहा है।
अगर घटना के समय कई लोगों ने आपस में फोन किए हैं या नहीं। अगर मामला सही पाया जाएगा तो उन सभी पर कार्रवाई होगी। अगर सर्विलांस से पकड़ में प्रकरण नहीं आया तो उसी तरह से कार्रवाई की जाएगी।