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21 साल बाद सामने आई फर्जी गैंगरेप की पूरी कहानी

Sat, 06 Jun 2015 07:38 PM IST
विजय सिंघल/अमर उजाला, नई दिल्ली
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21 वर्ष से बलात्कारी होने का दंश झेल रहे सात युवकों को आखिर हाईकोर्ट से इंसाफ मिल गया। अदालत ने गैंगरेप के इस मामले को फर्जी व मनगढ़ंत करार देते हुए कथित पीड़िता के प्रेमी को मिली आजीवन कारावास और छह अन्य को मिली 10-10 वर्ष कैद की सजा को रद्द कर दिया।
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अदालत ने कहा कि बलात्कार से न केवल महिला की गरिमा कम होती है बल्कि प्रतिष्ठा भी नष्ट हो जाती है, उसे अपमान का सामना करना पड़ता है। लेकिन यदि बलात्कार के झूठे आरोप में किसी को फंसाया जाता है तो उसकी व परिवार की प्रतिष्ठा भी दांव पर लग जाती है ऐसे में उक्त व्यक्ति के अधिकारों को भी संरक्षित किया जाना जरूरी है।

न्यायमूर्ति जीएस सिस्तानी व न्यायामूर्ति संगीता ढींगरा सहगल की खंडपीठ ने वर्ष 1994 में प्रीत विहार क्षेत्र में बहुचर्चित रहे इस मामले में 47 पृष्ठों के दिए फैसले में कहा कि सभी तथ्यों व साक्ष्यों से स्पष्ट है कि यह पूरा मामला फर्जी व मनगढ़ंत है।
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आखिर लड़की ने क्यों किया ऐसा

ऐसा कोई भी साक्ष्य सामने नहीं आया कि पीड़िता से गैंगरेप या उसे ब्लैकमेल किया गया। चिकित्सा रिपोर्ट से यह बात स्पष्ट होती है।

अदालत ने कहा कि पीड़िता का बयान विश्वसनीय, भरोसेमंद नहीं है और उसके बयानों में विसंगतियां व विरोधाभास है। ऐसे में वे निचली अदालत द्वारा 8 दिसंबर 1999 को सजा संबंधी दिए फैसले को रद्द करते हैं।

अदालत ने मामले की जांच कर रही दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा की भूमिका पर भी सवाल उठाया। अदालत ने कहा कि पीड़िता या उसके परिवार ने कभी भी स्थानीय थाने में शिकायत दर्ज नहीं कराई बल्कि पूरी जांच अपराध शाखा के पुलिस उपायुक्त के निर्देश पर हुई।

बाकी हैं कई सवाल..

अदालत ने कहा कि अपराध शाखा के उपायुक्त ने 7 सितंबर 1994 को एक सहायक पुलिस आयुक्त, दो इंस्पेक्टर पृथ्वी सिंह व राज मोहिंद्र सिंह को बुलाकर तुरंत पीड़िता के घर जाने को कहा व जल्द से जल्द कार्रवाई का निर्देश दिया।

अदालत ने कहा इस मामले में प्राथमिक जांच भी नहीं की गई। अदालत ने बचाव पक्ष के अधिवक्ता विकास पाहवा के तर्कों को स्वीकार करते हुए कहा कि साक्ष्यों से स्पष्ट है कि पीड़िता व उसका प्रेमी प्रवीण स्कूल व कॉलेज से दौरान प्यार करते रहे।

जब प्रवीण को पता चला कि पीड़िता के अन्य युवकों से भी संबंध हैं तो उसने विवाह से इनकार कर दिया। इस पर उस पर गैंगरेप का आरोप लगाया गया।
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रेप किया और अश्लील फोटो खींचे?

लक्ष्मी नगर निवासी छात्रा ने अपराध शाखा को 7 सितंबर 1994 में दिए बयान में कहा कि वह दक्षिणी दिल्ली पॉलीटेक्निक में इंटीरियर डिजाइनिंग का कोर्स कर रही है। उसकी प्रवीण से स्कूल के समय से दोस्ती थी और फिर प्यार हो गया।

जनवरी 94 में प्रवीण उसे कनाट प्लेस में मुकेश उर्फ बिट्टू के घर ले गया और जबरन दोनों ने रेप किया व अश्लील फोटो खींच लिए।

इसके बाद अप्रैल 94 में पटपड़गंज, 17 जुलाई को नोएडा, 5 सितंबर को दरियागंज व उसी शाम 7:30 बजे फोटो देने के लिए बुलाया।
सभी जगह प्रवीण और उसके दोस्तों ने उससे दुष्कर्म किया।
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