देश के किसी भी कोने में होने वाले आतंकी हमले के बाद करोलबाग की रहने वाली सोहन देवी की आंखें नम हो जाती हैं।
वह कहती हैं कि और कितने निर्दोषों की जान लेकर आतंकी अपनी हसरत को पूरी करेंगे। सोहन देवी कहतीं है कि जब भी वह देश के किसी भी कोने में आतंकी हमले की बात सुनती है तो उसे परिवार की याद आ जाती है।
2008 में करोलबाग में हुए धमाके में उसके पति हरिचन, बेटा अशोक और उसकी बेटी सरोज की जान चली गई थी। उन दिनों को याद कर सोहन की आंखों में आंसू भर आते हैं।