भारत में यदि किसी शख्स को फांसी की सजा होती है तो वो राष्ट्रपति के सामने फांसी पर विचार करने के लिए दया याचिका के रूप में माफी की गुहार लगा सकता है।
यदि राष्ट्रपति चाहे तो उस दया याचिका पर सुनवाई करते हुए फांसी की सजा को कम कर सकता है या फिर अपराधी को माफी भी दे सकता है। इन आंकड़ों पर गौर करें तो आपको कुछ हैरानी हो सकती है।
ऐसे ही कुछ आंकड़े पूर्व राष्ट्रपति अब्दुल कलाम आजाद से भी जुड़े हुए हैं।