हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल की ओर से मांगों को पूरा करने के दिए गए आश्वासन के बाद बृहस्पतिवार को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) कर्मचारियों ने अपनी हड़ताल खत्म कर दी। सभी 629 हड़ताली कर्मचारी दोपहर तक अपने-अपने विभागों में काम पर वापस लौट आए। इससे जिले में स्वास्थ्य सेवाएं एक बार फिर सुचारू रूप से चलने लगी हैं। सेवा सुरक्षा समेत अन्य मांगों को लेकर कर्मचारी बीते 24 दिनों से हड़ताल पर बैठे थे।
एनएचएम के तहत कार्यरत डॉक्टर, स्टाफ नर्स, एंबुलेंस चालक, एएनएम सहित अन्य स्टाफ के हड़ताल पर होने के कारण बीती पांच फरवरी से जिले में स्वास्थ्य सेवाएं बेहाल हो गई थी। एंबुलेंस न मिनले के कारण मरीज निजी वाहनों व ऑटो से अस्पताल पहुंचने को मजबूर हो रहे थे।
एक गर्भवती को बुधवार को एंबुलेंस नहीं मिल पाई तो ऑटो से अस्पताल पहुंचते समय रास्ते में ही उसका प्रसव हो गया था। इसके अलावा शिशुओं के इलाज के लिए बने निकू वार्ड में भी हड़ताल के कारण व्यवस्था पूरी तरह चौपट हो गई थी। शहरी क्षेत्रों में खुले सभी प्राथमिक चिकित्सा केंद्रों पर ताले तटक गए थे। मरीजों को इलाज के लिए यहां-वहां धक्के खाने पड़ रहे थे।
हड़ताल के दौरान एनएचएम निदेशक व स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव के साथ एनएचएम कर्मचारी संघ की कई बैठक हुई, लेकिन मांगों पर सहमति न बन पाने के कारण हड़ताल लगातार आगे बढ़ती जा रही थी। संघ के प्रदेश अध्यक्ष रेहान रजा ने बताया कि मुख्यमंत्री से बातचीत के आधार पर हड़ताल को खत्म किया गया है। मुख्यमंत्री ने कर्मचारियों की मांगों को जायज बता इन्हें जल्द ही पूरा करने का आश्वासन दिया है। उम्मीद है कि मुख्यमंत्री जल्द ही इस पर कार्रवाई कर अपना आश्वासन पूरा करेंगे। सभी कर्मचारियों ने नौकरी वापस ज्वाइन कर ली है।
एनएचएम के जिला नोडल अधिकारी डॉ. प्रदीप कुमार ने बताया कि सभी पीएचसी और अस्पतालों को निर्देश दे कर कर्मचारियों को ज्वाइन करवाने के आदेश दिए हैं। कर्मचारी काम पर लौट गए हैं, अब किसी प्रकार की कोई परेशानी नहीं होगी।
पटरी पर लौटी एंबुलेंस सेवा
हड़ताल के कारण एंबुलेंस सेवा सबसे अधिक प्रभावित थी। एंबुलेंस न मिलने के कारण मरीजों को अस्पताल लाने व ले जाने के लिए तिमारदारों को या तो निजी एंबुलेंस का दोगुना किराया भरना पड़ रहा था या रिक्शा व ऑटो में मरीजों को ढो कर लाना पड़ रहा था। हड़ताल खत्म होने से एंबुलेंस सेवा वापस पटरी पर लौट आई है। 108 पर आने वाली सभी कॉल को नियमित रूप से उठाया जा रहा है। अभी तक कॉल नहीं उठ रही थी।
पीएचसी के खुले ताले
शहरी क्षेत्रों में खुली 18 में से 16 पीएचसी पर हड़ताल के कारण ताले लग गए थे। बच्चों के टीकाकरण सहित गर्भवतियों की जांच इससे प्रभावित थी। कर्मचारियों के काम पर लौटने से सभी बंद पीएचसी दोबारा खुल गई हैं। मरीजों को अब दूर-दराज के अस्पतालों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।