दिल्ली सरकार विधानसभा में पेश जनलोकपाल बिल में संशोधन करने जा रही है। बिल पर समाजसेवी अन्ना हजारे की प्रतिक्रिया आने के बाद यह फैसला लिया।
इससे पहले मंगलवार सुबह आम आदमी पार्टी के नेताओं से मुलाकात के वक्त अन्ना ने कुछ सुझाव के साथ सरकार के जनलोकपाल बिल को हरी झंडी दे दी थी। सूत्रों के मुताबिक, बिल में तीन संशोधनों का प्रस्ताव सरकार की तरफ से आ सकते हैं।
दरअसल, जनलोकपाल आंदोलन के सहयोगी रहे शांति भूषण व प्रशांत भूषण दिल्ली सरकार के जनलोकपाल बिल की आलोचना कर रहे हैं। सोमवार को विधानसभा के सामने प्रदर्शन भी किया था।
इसी कड़ी में आप नेता संजय सिंह व कुमार विश्वास ने मंगलवार को जनलोकपाल आंदोलन के अगुवा अन्ना हजारे से रालेगांव सिद्धि में मुलाकात की। दोनों नेताओं ने सिलसिलेवार ढंग से दिल्ली सरकार के बिल के बारे में अन्ना हजारे को जानकारी दी।
अभी तय नहीं हुआ है कि संशोधन प्रस्ताव कौन लाएगा
बिल को पूरी तरह समझने के बाद अन्ना ने इसे अच्छा बताया। साथ ही यह भी कहा कि यह रामलीला मैदान वाला बिल नहीं है। इसके लिए अन्ना ने अपनी तरफ से तीन सुझाव भी आप नेताओं को दिए।
वहीं, अन्ना ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से भी फोन पर बात की। सूत्र बताते हैं कि अन्ना की राय आने के बाद केजरीवाल ने अपने कैबिनेट सहयोगियों से इस बारे में चर्चा की।
इसके बाद अन्ना के सभी सुझाव को बिल में शामिल करने का फैसला लिया गया। सूत्रों की मानें तो फिलहाल अभी तय नहीं हुआ है कि संशोधन प्रस्ताव कौन लाएगा।
ज्यादा संभावना इसी बात की है कि इसके लिए सरकार ही आगे आए। सदन में बिल पर चर्चा के दौरान सरकार संशोधन प्रस्ताव ला सकती है।
आपके सपोर्ट और आशीर्वाद के लिए शुक्रिया
-लोकपाल की चयन समिति के सदस्यों की संख्या बढ़ाई जाए।
-लोकपाल की जांच का अधिकार हाईकोर्ट के जज को हो। उसकी रिपोर्ट पर विधानसभा में दो तिहाई बहुमत से पारित होने पर लोकपाल को हटाया जा सके।
-उत्तराखंड की तरह झूठी या गलत शिकायत पर शिकायतकर्ता को एक साल की जेल
केजरीवाल ने कहा कि अन्ना जी, आपके सपोर्ट और आशीर्वाद के लिए शुक्रिया। आपके सुझावों को हम जरूर लागू करेंगे।