संक्रमण की चपेट में स्वास्थ्य कर्मचारी
डॉ. दुग्गल ने बताया कि उनके यहां लगातार स्वास्थ्य कर्मचारी संक्रमण की चपेट में आ रहे हैं। ऐसे में स्टाफ की पर्याप्त व्यवस्था को लेकर एक कमेटी का गठन भी किया है। इसमें सभी वरिष्ठ डॉक्टर व फैकल्टी सदस्य शामिल हैं। यह कमेटी रोजाना विभाग वार स्टाफ की समीक्षा करेगी और जरूरत पड़ने पर इनकी सिफारिशों के आधार पर फैसले भी लिए जाएंगें।
देखते ही देखते लग गई मरीजों की लाइन
सोमवार सुबह आरएमएल अस्पताल में मरीजों की काफी भीड़ थी। ओपीडी में मरीजों की बढ़ती संख्या देखते हुए सुरक्षा गार्डों ने इन्हें बाहर ही रोक दिया। देखते ही देखते मरीजों की लाइन गेट तक पहुंच गई। यहां मरीजों से बातचीत में पता चला कि आसपास सभी अस्पतालों में चिकित्सीय सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। ऐसे में इनके पास यहां आने के अलवा दूसरा कोई विकल्प नहीं है।
कोरोना संक्रमण की जांच के लिए भी वेटिंग
कुछ मरीजों ने कहा कि उन्हें 10 जनवरी को अस्पताल में आकर दिखाने की डेट मिली थी इसलिए वह यहां तक आए हैं। ओपीडी में ही मेडिसिन विभाग के डॉ. मनीष ने बताया कि इस समय उनके यहां ज्यादातर ओपीडी रोगी वायरल संक्रमण ग्रस्त हैं। ऐसे में इन रोगियों में कोरोना की पहचान करपाना काफी मुश्किल हो रहा है। इसके अलावा अस्पताल में कोरोना संक्रमण की जांच को लेकर भी वेटिंग शुरू हो गई है। उन्होंने बताया कि उनके यहां अस्पताल में तीन दिन बाद रिपोर्ट मिल रही है। इसकी मुख्य वजह लैब स्टाफ में से कई संक्रमित होने के अलावा सैंपल की संख्या रोजाना अधिक मिलना है।