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दिल्ली-एनसीआर में बारिश होने से वायु गुणवत्ता में सुधार, लेकिन स्वास्थ्य के लिए अभी भी हानिकारक

Mon, 04 Jan 2021 06:57 PM IST
विक्रांत चतुर्वेदी अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
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दिल्ली एनसीआर में वायु प्रदूषण - फोटो : PTI
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दिल्ली-एनसीआर में हुई बारिश से वायु गुणवत्ता में सुधार हुआ है। सरकारी एजेंसी द्वारा जारी किए गए 24 घंटे के आंकड़ों के अनुसार गाजियाबाद, नोएडा, ग्रेटर नोएडा और फरीदाबाद में वायु गुणवत्ता में बहुत खराब से मध्यम स्तर तक सुधार हुआ है। वहीं गुड़गांव में इसका स्तर संतोषजनक श्रेणी में पहुंच गया है।  
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सरकारी आंकड़ों के अनुसार पिछली बार 15 दिसंबर को गुड़गांव और फरीदाबाद में वायु गुणवत्ता का स्तर मध्यम श्रेणी में था, वहीं 14 दिसंबर को नोएडा, 27 नवंबर को ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद में भी इसका स्तर बीच वाले श्रेणी में था। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) द्वारा जारी वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) के अनुसार दिल्ली-एनसीआर की हवाओं में पीएम 2।5 और पीएम 10 प्रमुख रूप से मौजूद रहे।  

सूचकांक के अनुसार अगर एयर क्वालिटी इंडेक्स शून्य से 50 के बीच में होता है तो वायु की गुणवत्ता को बहुत अच्छा माना जाता है। 51 से 100 के बीच को संतोषजनक श्रेणी में रखा जाता है। 101 से 200 के बीच को मध्यम श्रेणी में, 201 से 300 के बीच को खराब, 301 से 400 के बीच को बहुत खराब और 401 से 500 के बीच वायु गुणवत्ता को गंभीर माना जाता है। 
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CPCB के अनुसार सोमवार को गाजियाबाद में शाम 4 बजे वायु गुणवत्ता का स्तर 168 था। ग्रेटर नोएडा में 134, नोएडा में 152, फरीदाबाद में 179 और गुड़गांव में 65 था। वहीं दूसरी तरफ रविवार को गाजियाबाद में 384, ग्रेटर नोएडा में 348, नोएडा में 364, फरीदाबाद में 358 और गुड़गांव में 260 था। वहीं शनिवार को गाजियाबाद में 462, ग्रेटर नोएडा में 450, नोएडा में 448, फरीदाबाद में 415 और गुड़गांव में 336 था।   

CPCB ने बताया कि वायु गुणवत्ता का स्तर संतोषजनक श्रेणी में पहुंचने से संवेदनशील लोगों को सांस लेने में तकलीफ हो सकती है। वहीं मध्यम स्तर में पहुंचने पर फेफड़े, अस्थमा के रोगियों को सांस लेने में दिक्कत हो सकती है।  
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