स्वच्छ भारत अभियान के तहत नगर निगम शहर में अत्याधुनिक टॉयलेट बनाने की तैयारी में है। शहर वासियों को सार्वजनिक स्थानों पर टॉयलेट की समस्या झेलनी पड़ती है, इसी को ध्यान में रख कर निगम ने यह फैसला लिया है, इसके लिए 49 स्थानों को चिन्हित किया गया है।
निगम का मानना है कि सार्वजनिक स्थानों पर बनने वाले इन टॉयलेट से जनता को परेशानी नहीं उठानी होगी। मुख्य बाजारों व सार्वजनिक स्थानों पर लोगों को इस समस्या से दो-चार होना पड़ता है।
निगम ने स्वच्छ भारत अभियान के तहत शहर के बाजारों व सार्वजनिक स्थानों पर 49 स्थानों को चिन्हित किया है, जहां सार्वजनिक टॉयलेट बनाए जाएंगे, जो अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस होंगे।
एक टॉयलेट को बनाने में करीब एक लाख रुपये का खर्च आएगा। नगर निगम अधिकारियों की मानें तो इन टॉयलेट को बनाने का काम नए साल में शुरू कर दिया जाएगा।
एसई अनिल मेहता ने बताया कि सार्वजनिक टॉयलेट तैयार करने की योजना स्वच्छ भारत मिशन के तहत बनाई गई है। 49 जगह चिन्हित कर ली गई हैं। जल्द ही टेंडर जारी किए जाएंगे। जनवरी 2016 से इनका काम शुरू कर दिया जाएगा।
ज्ञात हो कि इस समय शहर के मुख्य बाजारों व सार्वजनिक स्थानों पर टॉयलेट नहीं हैं। बाजारों में आने पुरुषों खास कर महिलाओं को भारी परेशानी उठानी पड़ती है। इस समय निगम क्षेत्र में 42 टॉयलेट बनाए गए हैं। जिनका रखरखाव निजी कंपनी के हाथों में है।
एनआईटी-1, 2 व 5 के बाजारों में जनता को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ती है यहां खरीदारी करने आने वालों की संख्या भी अधिक है। निगम ने यहां भी स्थान देखे हैं, इसके अलावा ओल्ड फरीदाबाद व सराय ख्वाजा मार्केट, एनआईटी चार-पांच के चौक, बल्लभगढ़ मार्केट में भी जगह चिंहित की गई हैं।