महाशिवरात्रि के लिए भक्त भोलेनाथ की पूजा की तैयारी में जुट गए हैं। श्रद्धालुओं में शिवरात्रि के लिए खासा उत्साह है। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि शहर के ज्यादातर मंदिरों में श्रद्धालु रुद्राभिषेक के लिए एडवांस बुकिंग करा चुके हैं। ऐसे में जिन लोगों ने अब तक बुकिंग नहीं कराई है, उन्हें रुद्राभिषेक कराने के लिए मंदिरों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
इस वर्ष महाशिवरात्रि पर्व सोमवार चार मार्च को है जो कि बहुत ही शुभ संयोग है। इस दिन भगवान शिव का रुद्राभिषेक करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। मान्यता है कि महाशिवरात्रि को रुद्राभिषेक करने से विशेष फल मिलता है।
ऐसे में इस वर्ष भगवान आशुतोष के अभिषेक के लिए कई भक्तों ने पहले से ही बुकिंग करा ली है। पंडित जुगल किशोर ने बताया कि उनके पास रुद्राभिषेक की दो बुकिंग है। एक दिन में इससे अधिक रुद्राभिषेक संपन्न कराना मुमकिन ही नहीं है।
रुद्राभिषेक का महत्व
अभिषेक शब्द का अर्थ है स्नान कराना। यह स्नान भगवान शिव को कराया जाता है। अभिषेक के कई प्रकार और रूप होते हैं। किंतु शिवरात्रि पर विशेष रूप से रुद्राभिषेक कराया जाता है। रुद्राभिषेक का मतलब है भगवान रुद्र का अभिषेक यानी कि शिवलिंग पर रुद्रमंत्रों के द्वारा अभिषेक करना।
पं. अमरचंद भारद्वाज ने बताया कि फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को महाशिवरात्रि पर्व मनाया जाता है जो इस साल 4 मार्च को है। इस दिन माता पार्वती और भगवान शिव का विवाह हुआ था। इस साल इस पर्व के दिन कई शुभ योग एक साथ पड़ रहे हैं।