ऐसे तैयार करते थे मसाले
1. अमचूर पाउडर: सड़े हुए चावल, जामुन, लकड़ी का बुरादा, साइट्रिक एसिड के अलावा कई अन्य केमिकल व मिट्टी मिलाकर इन्हें पीसा जाता था। बाद में बड़े-बड़े कट्टों में डालकर बेच दिया जाता था।
2. मिर्च पाउडर: खराब मिर्च, मिर्च के डंटल, सड़े हुए चावल, कलर और कुछ अन्य केमिकल मिलाकर मिर्च पाउडर तैयार किया जाता था। बाद में इनको 50-50 किलो के कट्टों में भरकर बाजार में भेजा जाता था।
3. धनिया पाउडर : बेहद खराब क्वालिटी के 10 फीसदी असली धनिया में लकड़ी का बुरादा, सड़ा हुआ बाजरा, चोकर व केमिकल मिलाकर धनिया पाउडर बना दिया जाता था।
4. गर्म मसाला: यूकलिप्टस के पत्ते, सड़े हुए जामुन, काली मिर्च की भूसी, जीरे की डंडी, लौंग की डंडी, पॉलिश, चोकर व कुछ पेड़ों की छाल का इस्तेमाल किया जाता था।
5. हल्दी पाउडर: सड़ी हुई हल्दी, सड़े हुए चावल, मिट्टी, सड़का हुआ बाजरा, कलर और केमिकल की मदद से हल्दी पाउडर तैयार किया जाता था।
लकड़ी के बुरादे व सड़े हुए चावल से बना रहे थे मसाले
सड़े हुए चावल, बाजरा, नारियल, जामुन, लकड़ी का बुरादा, चोकर, कई पेड़ों की छाल, केमिकल, रंग आदि से मसाले तैयार किए जा रहे थे। इन मसालों को 50-50 किलो के बड़े कट्टों में भरकर भेजा जाता था।