साइबर सिटी के मुख्यालय से 39 किलोमीटर दूर फर्रूखनगर खंड का गांव ताजनगर को राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने आदर्श गांव बनाने के लिए गोद लिया है। दो जुलाई को वे राष्ट्रपति भवन से गुड़गांव और मेवात के पांच गांवों को आदर्श बनाने की योजना की शुरुआत करेंगे।
इनमें ताज नगर भी शामिल है, जहां बिजली, पानी, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के अभाव से लोग जूझ रहे हैं। राष्ट्रपति के कार्यक्रम को लेकर जिला प्रशासन से लेकर राष्ट्रपति सचिवालय के आला अधिकारियों की नजर यहां है। पेश है संवाददाता शाहनवाज आलम और फोटोग्राफर दिनेश कुमार की ग्राउंड रिपोर्ट-
पटौदी रोड पर बने लॉजिस्टिक और वेयरहाउस हब के बीच से निकलते रास्ते के बाद गेंदे की खेती के लिए मशहूर गांव ताज नगर शुरू होता है। गांव में पक्की सड़कों के साथ गुजरते रास्ते और पक्के मकान यहां की खुशहाली का परिचय देते हैं, लेकिन राष्ट्रपति के बनने वाला आदर्श गांव बिजली-पानी, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं से महरूम है।
हालत यह है किमहीने के 720 घंटे में यहां महज 120 घंटे बिजली आती है। 585 घर वाले इस गांव की सड़कों के दोनों ओर 25 केवी के 40 ट्रांसफर लगे हैं, लेकिन बीते चार वर्षों से यह चले ही नहीं हैं। ऐसे में यहां शाम होते ही अंधेरा छा जाता है। 2380 मतदाताओं वाले इस गांव में पानी का अभाव भी एक बड़ी
समस्या है। बिजली-पानी की आपूर्ति नहीं होने के कारण यहां मूल पेशा खेती भी खतरे में हैं।
लोग लागत और मुनाफा के बीच अटकी गेंदे की खेती को छोड़कर अब अनाज की खेती करने लगे हैं, लेकिन पानी की कमी के कारण उन्हें हमेशा दिक्कत होती है। इसके लिए विधायक-सांसद से लेकर मुख्यमंत्री तक के गुहार लगा चुके हैं, लेकिन नतीजा सिफर है।