आवश्यक वस्तु अधिनियम-1955 और कालाबाजारी निवारण एवं आवश्यक वस्तु आपूर्ति अधिनियम-1980 को सख्ती से लागू करने के निर्देश सभी को दिए गए हैं।
इसके तहत दालों के मूल्य नियंत्रण को सुनिश्चित करने और जमाखोरी पर पाबंदी लगाने के लिए जिला उपायुक्त ने खाद्य एवं आपूर्ति विभाग को सख्त निर्देश दिए हैं।
वह इस संबंध में बृहस्पतिवार को लघु सचिवालय सेक्टर-12 में छठी मंजिल पर स्थित जिला प्रशासन के कांफ्रेंस हाल में खाद्य एवं पूर्ति विभाग के अधिकारियों और दाल के थोक विक्रेताओं के साथ बैठक कर रहे थे।
बैठक में एसडीएम महाबीर प्रसाद, एसडीएम पार्थ गुप्ता, जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक केके गोयल उपस्थित रहे। उपायुक्त ने कहा कि दालें हमारे खान-पान में अत्यन्त जरूरी व आवश्यक वस्तु हैं।
इसकी जमाखोरी होने के कारण कीमतें बढ़ कर यह आम उपभोक्ताओं की पहुंच से दूर हो जाती हैं। दालों की गुणवत्ता कायम रखना और जमाखोरी पर अंकुश रखना खाद्य एवं पूर्ति विभाग के सभी संबंधित अधिकारियों की पहली प्राथमिकता होनी चाहिए।
चंद्रशेखर ने जिले के सभी दाल थोक विक्रेताओं से कहा कि वह दालों की जमाखोरी जैसी पुरानी सोच को त्याग कर पारदर्शितापूर्ण तरीके से अपना व्यवसाय चलाएं। यदि किसी व्यापारी द्वारा इस संबंध में मनमाना रवैया अपनाकर सरकारी आदेशों को दर-किनार किया जाएगा तो उसके खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।