बॉलीवुड की मशहूर अभिनेत्री जिस बात को बहुत समय से सबसे छिपाने की कोशिश में थीं और जिसके बारे में हर कोई उनसे पूछता था उसपर से अब पर्दा उठ चुका है।
पूरी मीडिया इस खबर के बारे में जानना चाहती थी पर हर बार ये खूबसूरत अभिनेत्री इस बात को टाल जाती थी। बल्कि उन्होंने तो इसे अफवाह भी कहा था पर अब वो इस बात को न तो छिपा सकती है और न ही इससे इंकार कर सकती हैं क्योंकि आज ये बात सबके सामने है।
आप सोच रहे होंगे कि हम किस सच की बात कर रहे हैं तो वो है अभिनेत्री चित्रांगदा और उनके पति और गोल्फर प्लेयर ज्योति रंधावा के तलाक की खबर। जी हां इन दोनों को तलाक मिल गया है और इसके साथ ही चित्रांगदा ने अपने हक की लड़ाई भी जीत ली है।
चित्रांगदा को मिला तलाक और बेटे की कस्टडी
आखिरकार बॉलीवुड अभिनेत्री चित्रांगदा सिंह ने अपने हक की लड़ाई जीत ली। 2013 से वह अपने गोल्फर पति ज्योति रंधावा से अगल रह रही थीं। अब उनका आधिकारिक रूप से तलाक हो गया। चित्रांगदा-रंधावा के बीच पांच वर्षीय बेटे जोरावर की कस्टडी को लेकर जारी विवाद का भी पटाक्षेप हो गया।
गुड़गांव की फैमिली कोर्ट ने बेटे की कस्टडी चित्रांगदा को सौंप दी है। बता दें कि ज्योति रंधावा और चित्रांगदा सिंह ने गत वर्ष मई में गुड़गांव के फैमिली कोर्ट में तलाक की अर्जी दी थी। इनका विवाह वर्ष 2001 में हुआ था। कोर्ट ने उन्हें तलाक के फैसले पर सोचने का भी एक मौका दिया। मगर दोनों में सहमति नहीं बन पाई। इसके बाद कोर्ट ने तलाक की अर्जी मंजूर कर ली।
दुनिया के टॉप 100 प्रोफेशनल गोल्फरों में शुमार ज्योति रंधावा और बॉलीवुड अभिनेत्री चित्रांगदा सिंह के बीच तलाक को अदालत से मंजूरी आसानी से मिल गई। क्योंकि दोनों इस मुद्दे पर सहमत थे। मगर पेंच तब फंसा जब मामला पांच वर्षीय बेटे जोरावर की कस्टडी का आया। बच्चे को लेकर दोनों के अलग-अलग दावे थे। एक दिन पहले ही फैमिली कोर्ट का फैसला मां के पक्ष में आया है। फै सले में बच्चे का छोटा होना अहम माना जा रहा है।
दोनों छिपाते रहे मामला
ज्योति रंधावा और चित्रांगदा को आखिरकार अपने तलाक की असलियत कबूलनी पड़ी। इस मामले को दोनों काफी दिनों तक छिपाते रहे।
यहां तक कि तलाक का फैसला आने तक कोर्ट ने भी इस मामले में किसी तरह की सूचना देने से मना कर दिया था।पर जब कोर्ट का फैसला आ गया तो ये बात बाहर आ गई और इतने समय से राज रही असलियत सबके सामने आ गई।
इस बारे में चित्रांगदा के वकील ओसामा सुहैल कहते हैं कि कोर्ट का फैसला आते ही यह पब्लिक डोमेन में आ गया है और ऐसे में इसे किसी भी तरह से बाहर आने से रोका नहीं जा सकता।
विवाद का कारण
चित्रांगदा सिंह अपने फिल्मी कैरियर की शुरूआत 2003 में ‘हजारों ख्वाहिशें’ से की। इसके बाद अपने फिल्मी कैरियर को गति देने के लिए मुंबई में सेटल होने का निर्णय लिया।
सूत्रों के अनुसार इसमें उनके पति ज्योति रंधावा को परेशानी हो रही थी। वह चाहते थे कि उनकी पत्नी उनके साथ गुड़गांव में ही रहे। इसके बाद वर्ष 2005 से 2007 तक चित्रांगदा फिल्मों से दूर रहीं।
मगर फिल्म में काम करने का मोह नहीं त्याग पाईं। 2008 में ‘सॉरी भाई’, 2011 में ‘ये साली जिंदगी’ और ‘देशी ब्वायज’ फिल्म में काम किया। 2013 में ‘आई मी और मैं’ फिल्म में भी अदाकारी कर चुकी हैं।