शाहबेरी में अवैध निर्माण के दौरान तैनात रहे प्राधिकरण और पुलिस अधिकारियों पर भी जल्द कार्रवाई हो सकती है। यमुना प्राधिकरण के भूमि घोटाले में शासन की रिपोर्ट आने के बाद पुलिस और प्राधिकरण दोनों महकमों में यही चर्चा है।
मुख्यमंत्री ने शाहबेरी में अवैध निर्माण के दौरान तैनात रहे और लापरवाही बरतने वाले प्राधिकरण और पुलिस अधिकारियों की सूची मांगी थी। इसकी रिपोर्ट मंडलायुक्त अनिता मेश्राम भेज चुकी हैं। माना जा रहा है जल्द ही शासन की ओर से इस मामले में निर्देश जारी किए जा सकते हैं।
लगभग डेढ़ साल पहले बिसरख कोतवाली क्षेत्र स्थित शाहबेरी में दो भवन ढह गए थे। भवन के मलबे में दबकर 9 लोगों की मौत हो गई थी। सीएम ने सख्ती दिखाते हुए आरोपी बिल्डरों को जेल भेजने और अवैध निर्माण के दौरान तैनात रहे अधिकारियों की सूची तलब की थी।
इस मामले में पुलिस ने एक के बाद एक कई केस दर्ज किए और कई बिल्डरों को जेल भेजा है। वहीं, सीएम के निर्देश पर प्राधिकरण और पुलिस के कई तत्कालीन अधिकारियों की सूची व जांच रिपोर्ट मंडलायुक्त अनिता मेश्राम शासन को भेज चुकी हैं।
पूर्व में गई जांच रिपोर्ट के आधार पर शासन ने यमुना प्राधिकरण के 14 अधिकारियों पर कार्रवाई और गिरफ्तारी के निर्देश दिए हैं। इसके बाद पुलिस टीमें लगातार दबिशें दे रही हैं।
वहीं, शाहबेरी में अवैध निर्माण के दौरान जिम्मेदार रहे अधिकारियों पर कार्रवाई के लिए शासन की रिपोर्ट भी जल्द आ सकती है। एडीएम प्रशासन दिवाकर सिंह का कहना है कि अभी शाहबेरी के मामले की शासन से रिपोर्ट या कार्रवाई के निर्देश आने की जानकारी नहीं मिली है।