लालपुर गांव के पास हाईवे चौड़ीकरण में बाधक बन रहे 10 मकानों को प्रशासनिक टीम ने बुलडोजर से गिरवा दिया। इस दौरान टीम को ग्रामीणों के विरोध का सामना करना पड़ा।
कार्रवाई से गुस्साए गांव वालों ने जमकर हंगामा किया। आरोप लगाया कि बिना मुआवजा दिए ही उनके मकान तोड़े जा रहे हैं।
लोगों ने कई बार प्रशासन से कुछ दिन की मोहलत मांगी थी लेकिन प्रशासन ने उनकी एक न सुनी। वहीं तहसील प्रशासन का कहना है कि अल्टीमेटम देने के बाद भी लोगों ने कब्जा नहीं हटाया।
इसलिए कार्रवाई की गई। दो दिन का समय और दिया गया है। इसके बाद फिर कार्रवाई की जाएगी। गाजियाबाद से अलीगढ़ के लिए एनएच-91 के चौड़ीकरण का काम चल रहा है।
हाईवे के किनारे बसे बिलसूरी, लालपुर आदि गांवों में मुआवजे आदि के विवाद के चलते निर्माण कार्य बाधित हो रहा है। कई बार नोटिस और चेतावनी के बाद भी ग्रामीणों ने कब्जा नहीं हटाया।
नतीजतन, बुधवार दोपहर करीब 11 बजे प्रशासनिक टीम लालपुर स्थित हाईवे के किनारे बने मकानों को तोड़ने पहुंच गई। इससे ग्रामीणों का गुस्सा भड़क उठा और उन्होंने हंगामा करना शुरू कर दिया।
विरोध में महिलाएं भी घरों के अंदर से निकल आईं। इस दौरान तहसीलदार और कोतवाली प्रभारी से लोगों की कई बार झड़प हुई।
टीम को देखकर खुद तोड़ने लगे मकान
बुलडोजर के साथ प्रशासनिक टीम को देखकर गांव वालों में हड़कंप मच गया। अफरा-तफरी में लोग मकानों से सामान आदि बाहर निकालने लगे। कुछ लोगों ने हथौड़ा आदि औजार लेकर खुद ही अपना मकान तोड़ना शुरू कर दिया।
कार्रवाई रोकने को बनाते रहे बहाने
कब्जा हटाने की कार्रवाई के दौरान लोगों ने मोहलत मांगने के लिए कई हथकंडे अपनाए। बुद्धपाल के घर में मौजूद वृद्धा ने तीन मार्च को शादी होने की बात कहकर प्रशासन से समय मांगा। वहीं तरह-तरह की समस्याएं बताकर लोग मोहलत मांगते दिखाई दिए।