लेडी डॉक्टर अमृत कौर को अपने दोस्त डॉक्टर अशोक यादव पर अटूट विश्वास था। इस बात का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि हमले के बाद पहली कॉल पीड़िता ने अशोक को ही की थी। इतना ही नहीं उसने पुलिस से कहा यदि अशोक से पूछताछ की गई तो वह केस वापस ले लेगी।
कॉल करने के चंद मिनटों में ही आरोपी घटना स्थल पर पहुंच गया। वही उसे अस्पताल ले गया। पुलिस की गिरफ्त में आने से पूर्व वह पीड़िता के परिवार के साथ ही मौजूद रहा। ऐसे में किसी को उस पर शक भी नहीं हुआ। लेकिन जरूरत से ज्यादा सहानुभूति दिखाने की वजह से पुलिस को उस पर शक हो गया।
जांच अधिकारी ने बताया कि शक होने पर पुलिस ने पीड़िता को बताया कि वह अशोक से पूछताछ करने जा रही है तो इस बात का पीड़िता ने कड़ा विरोध किया। उसने कहा कि अशोक कभी ऐसा नहीं कर सकता।
पीड़िता ने यहां तक धमकी दी कि अगर पुलिस अशोक से पूछताछ करेगी तो वह अपना केस वापस ले लेगी। पीड़िता के ऐतराज के बाद पुलिस ने उसे विश्वास में लेकर अशोक से पूछताछ की। वारदात का खुलासा होने के बाद पुलिस ने पीड़िता को जब हकीकत बताई तो उसे यकीन नहीं हुआ।