नोएडा में एक युवक ने शनिवार को बिजली दफ्तर पहुंचकर एसडीओ ऑफिस में तैनात सीनियर डिवीजनल क्लर्क पर एसिड फेंक दिया। इससे पहले आरोपी ने पीड़ित पर ईंट से भी हमला किया। युवक ने पीड़ित के मुंह में एसिड उड़ेलने का भी प्रयास किया।
इस दौरान मची भगदड़ में छह-सात लोगों पर भी एसिड गिर गया। इसके बाद हमलावर को लोगों ने दौड़ाकर पहले पीटा और बाद में पुलिस के हवाले कर दिया।
सीनियर डिवीजनल क्लर्क को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। आरोपी कई दिन से बिल ठीक कराने के लिए दफ्तर के चक्कर काट रहा था। जानकारी के अनुसार, सेक्टर-39 स्थित एसडीओ कार्यालय में जीतेंद्र प्रसाद शांडिल्य (42) सीनियर डिवीजनल क्लर्क हैं।
कई दिन से सेक्टर-31 निठारी निवासी सुनील कुमार सिंह (29) घर और दुकान का बिजली बिल ठीक कराने के लिए ऑफिस के चक्कर काट रहा था।
आरोपी बिल ठीक कराने को लगा रहा था चक्कर
वह सेक्टर-50 में डॉ. संतोष कुमार की डेंटल क्लीनिक में कर्मचारी है। पिछले दिनों उसने एसडीओ एके शर्मा से बिजलीघर कर्मियों द्वारा घूस लेने की शिकायत भी की थी।
शनिवार को सुनील कुमार सिंह दो लीटर की कट्टी में तेजाब भरकर ऑफिस में आया। दोपहर को वहां बिल जमा कराने वालों की लाइन लगी हई थी।
सुनील ने आते ही चिल्लाना शुरू कर दिया और एसडीओ को ढूंढा, जब वह नहीं मिले तो वह जीतेंद्र प्रसाद शांडिल्य को पीटते हुए कमरे से बाहर लाया और सिर पर ईंट से वार कर दिया। इसके बाद उसने केन में भरा एसिड उनके ऊपर उड़ेल दिया।
आरोपी से बचने के लिए उन्होंने भागने की कोशिश की, लेकिन युवक ने उनका सीढ़ियों पर पीछा करते हुए एसिड डालता रहा। अचानक हुई वारदात से कार्यालय में भगदड़ जैसी स्थिति हो गई।
पिटाई कर उसे पुलिस को सौंप दिया
तेजाब की छींटे कई लोगों पर गिर गईं। बाद में लोगों ने आरोपी की पिटाई कर उसे पुलिस को सौंप दिया। वहीं, जीतेंद्र को उनके साथी सेक्टर-27 स्थित कैलाश अस्पताल ले गए, जहां उनकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। हालांकि, आंखों में जलन की शिकायत पर फिर उन्हें सेक्टर-62 स्थित फोर्टिस अस्पताल ले जाया गया।
एसडीओ थे निशाने पर
आरोपी सुनील ने बताया कि वह कई दिन से बिजलीघर के चक्कर लगाते-लगाते तंग आ गया था। शनिवार को वह सोचकर आया था कि काम न हुआ तो एसडीओ एके शर्मा पर हमला करेगा। उनके न मिलने पर उसने सीनियर डिवीजनल क्लर्क पर ही तेजाब उड़ेल दिया।
सुनील कुमार ने पुलिस पूछताछ में बताया कि उसने केवल सबक सिखाने के लिए एसिड उड़ेला था। उसने तेजाब में पानी मिलाने की भी बात कही है। वहीं, घटना के दौरान बिजली का बिल जमा करने आए लोग भी वहां से भाग गए। कुछ उपभोक्ताओं ने पैसे दे दिए थे, लेकिन रसीद नहीं मिल सकी।
ज्यादा घातक नहीं था तेजाब
कैलाश अस्पताल के डॉ. अमित सक्सेना ने बताया कि जिस वक्त पीड़ित को लाया था, तो उनसे शरीर से भाप उठ रही थी। ऐसा तभी होता है कि जब एसिड का प्रयोग होता है। हालांकि, जो एसिड डाला गया है वह ज्यादा घातक नहीं था। सिर पर ईंट की चोट होने के कारण टांकें लगाए गए। जरूरी इलाज के बाद परिजन उन्हें फोर्टिस अस्पताल में ले गए हैं।
कार्यालय में दूर तक फैला था केमिकल
मारपीट के दौरान आरोपी ने एसिड उड़ेला तो पीड़ित ने बचने के लिए भागने की कोशिश की। इस पर आरोपी ने उनके पीछे दौड़कर लोगों के ऊपर से एसिड फेंकने का प्रयास किया।
सुनील के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। उससे एसिड के बारे में जानकारी ली जा रही है कि वह कहां से लाया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
शिवराम यादव, सीओ प्रथम