प्रधानमंत्री की भतीजी के साथ हुई वारदात के बाद से पुलिस अधिकारियों के हाथ-पांव फूल गए थे। सूत्रों का कहना है कि खुद सीपी ने सभी वरिष्ठ अधिकारियों से मामले को 24 घंटे में सुलझाने के लिए कहा था।
स्थानीय पुलिस के अलावा स्पेशल सेल और क्राइम ब्रांच की टीम भी छानबीन में लग गई थीं। मध्य जिला और उत्तरी जिले के स्पेशल स्टाफ के अलावा स्थानीय पुलिस की 25 से अधिक टीमों ने छानबीन शुरू की।
पुलिस ने 100 कैमरों की सीसीटीवी फुटेज की जांच की। गुजराती समाज भवन के बाहर भी दोनों बदमाश कैमरे में कैद हुए थे। उस फुटेज के आधार पर मुखबिरों ने आरोपियों की पहचान कर ली।
वीवीआईपी और दिल्ली के पॉश इलाके में शनिवार सुबह पुलिस सड़कों से नदारद थी। यही वजह है कि बदमाश बगैर हेलमेट के वीवीआईपी इलाके में घूमते रहे।
खुद उत्तरी जिला पुलिस उपायुक्त मोनिका भारद्वाज ने माना कि शनिवार को जिले में ट्रैफिक पुलिस की मौजूदगी नहीं थी। यदि सड़कों पर पुलिस होती तो शायद बगैर हेल्मेट के घूम रहे बदमाशों को उसी समय पकड़ा जा सकता था। बदमाश सदर बाजार से सिविल लाइंस होते दोबारा सदर बाजार और फिर सुल्तानपुरी पहुंचे। इस बीच किसी ने भी इनको रोकने का प्रयास नहीं किया।