शादी के करीब दो साल बाद अंकुर ने पिता के पास कॉल की और बताया कि खुशबू का हिम्मत नाम के व्यक्ति से प्रेम प्रसंग चल रहा है। दोनों घंटों मोबाइल पर बात करते हैं। 4 अप्रैल 2021 की रात को खुशबू का शिकायतकर्ता के पास फोन आया कि अंकुर की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई है। लखमीचंद ने होडल ले जाकर बेटे का अंतिम संस्कार कर दिया। बेटे के बैंक खाते आदि के बारे में जानकारी की तो पता चला कि खुशबू ने अपने भाई पारस, पिता अजीत, हिम्मत यादव, सतेंद्र, गोलू उर्फ पंकज व अवधेश के साथ मिलकर जालसाजी कर 14 लाख रुपये निकाल लिए हैं।
लखमीचंद बेटे के खाते से पैसे निकालने की जानकारी करने जब नोएडा आए तो नामजद आरोपियों ने उन्हें वहां से भगा दिया। शिकायतकर्ता ने पड़ोस में पता किया तो जानकारी मिली की तीन अप्रैल को अंकुर के घर में लड़ाई हो रही थी और तेज आवाज आ रही थी। उसके बाद रात में कोई बड़ा सामान कार में रखकर कुछ लोग ले जा रहे थे और कोई अन्य व्यक्ति अंकुर की बाइक लेकर गया था। लखमीचंद ने शक जताया है कि उनके बेटे की हत्या कर सड़क हादसा होना दिखाया गया है। मामला दर्ज कर पुलिस जांच में जुट गई है।
पढ़ें-
प्यार का कत्ल: सौरभ के दिल पर चाकू से तीन वार, साल में 1800 पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर नहीं भूल पा रहे मंजर