दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) से पांच करोड़ की जालसाजी करने वाले चश्मा व्यवसायी मोहम्मद इखलाक (50) को गिरफ्तार किया है।
आरोपी ने तीन प्रॉपटी को गिरवी रखकर बैंक से लोन लिया था। इनमें से गाजियाबाद की एक प्रॉपर्टी थी ही नहीं, जबकि कर्ज लेते समय दो प्रॉपर्टी की कीमत ज्यादा दिखाई थी। व्यवसायी ने लोन लेते समय अपनी दो कंपनियों का टर्नओवर करीब 490 करोड़ रुपये बताया था।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पीएनबी की ओर से ईओडब्ल्यू में वर्ष 2016 में जालसाजी की शिकायत दर्ज कराई गई थी। जालसाजी का केस दर्जकर ईओडब्ल्यू के डीसीपी प्रमोद कुमार मिश्रा की देखरेख में एसीपी नागीन कौशिक व इंस्पेक्टर अभिषेक कुमार की टीम मामले की जांच कर रही थी।
टीम ने व्यवसायी मोहम्मद इखलाक को 11 सितंबर को नजफगढ़ से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बृहस्पतिवार को उसे कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार मोहम्मद इखलाक ने पीएनबी से पांच करोड़ रुपये का लोन लिया था। इसके एवज में उसने पीएनबी की नजफगढ़ शाखा में तीन प्रॉपर्टी गिरवी रखी थीं। इनमें से दो प्रॉपर्टी गाजियाबाद, यूपी व फराश खाना, दिल्ली की एक प्रॉपर्टी थीं।
गाजियाबाद की दो प्रॉपर्टी में एक तो थी ही नहीं, जबकि दूसरी प्रॉपर्टी की कीमत करीब 30 से 35 लाख रुपये थी। लोन लेते समय उसकी बाजार कीमत करीब डेढ़ करोड़ रुपये बताई थी। फराश खाना की प्रॉपर्टी की बाजार कीमत कुछ लाख रुपये थी, जबकि उसकी कीमत भी करोड़ से ज्याद बताई गई थी।
आरोपी व्यवसायी ने अपनी दो कंपनी मै. विजन ग्लासेस प्राइवेट लिमिटेड और मेसर्स डायमंड ऑप्टिकल बताई थी। आरोपी ने मे. विजन प्राइवेट लि. की टर्नओवर 250 और मेसर्स डायमंड ऑप्टिकल की टर्नओवर 240 करोड़ रुपये बताई थी। आरोपी ने लोन लेते समय कंपनी का कार्यालय कई करोड़ का नजफगढ़ में बताया था।
पुलिस जांच में ये बात सामने आई है कि उसने कंपनी का कार्यालय लोन लेने से कुछ महीने पहले किराए पर लिया था। मूलरूप से मंजहोला बिल्लोज थाना सोहाला जिला बिजनौर, यूपी निवासी मो. इखलाक वर्ष 1985 में दिल्ली आ गया था। वर्ष 2003 में उसने चश्मे के ग्लास व फ्रेम बनाने का व्यवसाय खोला।