दिल्ली पुलिस ने केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी के स्कूल में हुई तोड़ फोड़ और चोरी की घटना के खुलासे का दावा किया है। साउथ दिल्ली के वसंत कुंज इलाके में स्थित होली चाइल्ड ऑक्जिलियम स्कूल में हुई वारदात के संबंध में पुलिस ने सोमवार को 19 साल के एक युवक को गिरफ्तार किया गया।
बता दें कि फरवरी में दिल्ली विधानसभा चुनाव से ठीक एक सप्ताह पहले ईसाई स्कूलों में इस हमले को अंजाम दिया गया था। जिससे शहर में तनाव की स्थिती पैदा हो गई थी।
उस दौरान एक विशेष समुदाय के स्कूलों में हमले की ऐसी ही पांच और वारदातें सामने आईँ थीं। जांच के दौरान पुलिस ने घटना स्थल और आस-पास से लगभग 26 फिंगरप्रिंट जमा किए थे।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पहली बार पुलिस ने इन सबूतों को देश के 33 राज्यों के क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो और सीबीआई की फोरेंसिक लैब के साथ साझा किया।
पूर्व छात्र की गिरफ्तारी ने खोला अहम राज
हालांकि इस कोशिश का कोई फायदा नहीं निकला क्योंकि पुलिस के पास उपलब्ध हजारों फिंगरप्रिंट में से किसी का भी इनसे मिलान नहीं हो सका।
इस दौरान एक महत्वपूर्ण तथ्य सामने आया। ऐसी ही घटना 29 मई को दक्षिणी दिल्ली के सत्य निकेतन स्थित स्कूल में हुई जिसमें इसी स्कूल का ही एक पूर्व छात्र राहुल गिरफ्तार किया गया।
इस गिरफ्तारी से दिल्ली पुलिस को कुछ उम्मीदें बंधीं। जब पुलिस ने होली चाइल्ड स्कूल से मिले फिंगरप्रिंट का गिरफ्तार लड़के और उसके दोस्तों के फिंगरप्रिंट के साथ मिलान किया तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए।
लंबी जांच के बाद सामने आया मामला
इसमें से एक लड़के के फिंगरप्रिंट होली चाइल्ड स्कूल से मिले फिंगरप्रिंट से मैच कर गए और इसके साथ ही इस हमले से जुड़े लोग एक-एक करके गिरफ्तार किए गए।
पुलिस ने इस मामले की जांच करने के लिए 18 सदस्यीय टीम का गठन किया था। जांच के दौरान पुलिस ने स्कूलों में 30 ऐसी ही घटनाओं को अंजाम देने के आरोप में पांच लोगों को गिरफ्तार किया।
बता दें कि गिरफ्तार राहुल पूर्व में माउंट कर्नेल स्कूल का ही छात्र था। इसने अपने दोस्तों के साथ मिलकर स्कूल में लूट और तोड़-फोड़ की घटना को अंजाम दिया था।