नई दिल्ली। साकेत कोर्ट ने एक युवक को अपनी पत्नी को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोपों से बरी किया है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश विपिन खरब धर्मेंद्र कुमार के खिलाफ मामले की सुनवाई कर रहे थे, जिन पर सनलाइट कॉलोनी पुलिस स्टेशन में आत्महत्या के लिए उकसाने के तहत मामला दर्ज किया था। अभियोजन पक्ष ने आरोप लगाया कि कुमार ने 2 मई, 2016 को अपनी पत्नी सुनीता को फांसी लगाकर आत्महत्या करने के लिए उकसाया था।
दंपति की शादी 1998 में हुई थी और उनके दो बेटे हैं। अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष के चार गवाहों, जिनमें दंपति के पड़ोस में रहने वाले दो स्वतंत्र गवाह भी शामिल थे, ने पति-पत्नी के बीच सौहार्दपूर्ण संबंधों के बारे में गवाही दी थी। अदालत ने कहा कि मृतका के भाई ने अपनी बहन के पति के साथ अच्छे संबंध होने की गवाही दी थी। हालांकि किराये को लेकर उसकी सास से अनबन रहती थी। ब्यूरो