भेजे गए पत्र की प्रति दिखाते सौरभ के पिता।
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4 नवंबर को सदरपुर के पास हुई मुठभेड़ में घायल सौरभ के पिता ने पुलिस पर सवाल खड़े किए हैं। सौरभ के पिता तापस ने प्रधानमंत्री, सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश, मानवाधिकार आयोग व प्रदेश के मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर न्याय की मांग की है।
पत्र में तापस ने आरोप लगाया है कि उनके बेटे सौरभ व उसके दोस्त सुनील को पुलिस वालों ने खोड़ा स्थित नानक की पुलिया के पास से उठा लिया था। बाद में रात के वक्त उसके पैर में गोली मारकर अपाहिज कर दिया। पुलिस ने सुनियोजित तरीके से इस फर्जी मुठभेड़ को अंजाम दिया। जिस युवक रवि गुप्ता की बाइक कथित तौर पर लूटी गई थी वह खोड़ा का ही है और वह सौरभ को अच्छी तरह से जानता है।
रवि की तरफ से फर्जी बाइक लूट की एफआईआर लिखवाई गई। इसके बाद सौरभ व सुनील को उठाया गया। जबकि पुलिस के मुताबिक बाइक लूटकर भागने के दौरान सौरभ को गोली लगी और एक अज्ञात भाग गया। जबकि सच्चाई यह है कि सुनील को पुलिस थाने से छोड़ दिया गया। इस कारण ही बाइक लूट की एफआईआर में एक अज्ञात के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत है।
मोबाइल लोकेशन से होगा सब कुछ स्पष्ट
तापस का कहना है कि उसके बेटे के मोबाइल की लोकेशन की जांच की जाए, ताकि मामले से पर्दा उठे। इसके अलावा नानक की पुलिया के पास लगे सीसीटीवी फुटेज से भी यह पता चलेगा कि उसके बेटे को उठाया गया था। बेटे पर कई फर्जी मुकदमे लादकर उसकी जिंदगी खराब कर दी गई।