बल्लभगढ़ के सुनपेड गांव में दलित परिवार पर हुए हमले के बारे में पहली बार आरोपी परिवार सामने आया है। परिवार ने घटना के बारे में अपना पक्ष रखते हुए दलित परिवार को ही निशाना बनाया है।
दलित परिवार पर हमले के आरोपी एदल सिंह की पत्नी राजबाला ने मीडिया को बताया कि इस पूरे मामले से हमारा कोई लेना-देना नहीं है बल्कि, यह दलित परिवार के घरेलू विवाद का ही परिणाम है।
आरोपी की पत्नी ने बताया कि पीड़ित दलित परिवार आपस में ही झगड़ते रहते थे और इन्होंने खुद ही आग लगाई है। राजाबाला का कहना है कि यह कैसे संभव है कि जिस परिवार को पुलिस सुरक्षा मिली है उस पर हमला करके कोई आराम से चला जाए।
उनका कहना है कि जिस रात दलित परिवार को जलाने की घटना हुई उस रात इलाके में जगराते चल रहे थे और वहां पुलिस भी मौजूद थी। ऐसे में क्या किसी ने हमें आते-जाते नहीं देखा?
सीएम ने की सीबीआई जांच की सिफारिश
साथ ही आरोपी परिवार ने राहुल गांधी और हरियाणा के सीएम मनोहर लाल खट्टर को भी निशाना बनाया है। राजबाला का आरोप है कि जब इस दलित परिवार ने हमारे घर के तीन लोगों की हत्या की तो उस वक्त राहुल गांधी और खट्टर कहां थे?
इस बीच हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने सुनपेड गांव की अपनी यात्रा रद्द कर दी है, साथ ही मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी सीबीआई से जांच कराने की सिफारिश की है।
इस बीच पीड़ित दलित परिवार का कहना है कि वह अपने दोनों बच्चों का तब तक अंतिम संस्कार नहीं करेंगे जब तक पुलिस आरोपियों के खिलाफ कार्यवाही नहीं करती। बता दें कि अभी तक इस मामले में 11 आरोपियों में से चार को ही गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस की मिलीभगत से हुई घटना : करात
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी की पोलित ब्यूरो की सदस्य बृंदा करात ने बुधवार सुबह करीब 11 बजे सुनपेड़ गांव में पीड़ित का हालचाल लेकर परिजनों से घटना की जानकारी ली। उन्होंने इस वारदात को अंजाम देने को हैवानियत करार दिया।
करात ने कहा कि दो परिवारों के झगड़े में भला इन मासूमों का क्या दोष था? इस घटना ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया है। इसकी जितनी निंदा की जाए, उतनी ही कम है। उन्होंने कहा कि इस घटना में प्रशासन की पूरी असफलता है।
जितेंद्र ने पुलिस को शिकायत देकर घटना का अंदेशा जताया था, लेकिन उसे गंभीरता से नहीं लिया और न ही सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए। इससे साफ है कि पुलिस की मिलीभगत से इस हत्याकांड को अंजाम दिया गया।
उन्होंने सवाल उठाया कि हर जगह जाने वाले मुख्यमंत्री अभी तक यहां क्यों नहीं आए? इसके बाद करात ने एडीजीपी अकील से पुलिस कार्रवाई की जानकारी भी ली।
दलितों को जलाने की घटना बेहद कष्टदायक : मायावती
बसपा सुप्रीमो मायावती ने फरीदाबाद (हरियाणा) में दलित परिवार के लोगों को जिंदा जलाए जाने पर गहरा दु:ख जताते हुए घटना की कड़ी निंदा की है। उन्होंने हरियाणा सरकार से घटना के मुख्य आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने, पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा व पूर्ण सुरक्षा देने की मांग की है।
बसपा अध्यक्ष ने यहां जारी एक बयान में कहा है कि यदि राज्य सरकार तत्काल जरूरी कदम नहीं उठाती है तो बसपा वहां की भाजपा सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतरने को मजबूर होगी।
मायावती ने घटना को बेहद कष्टदायक बताया है और पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों को पीड़ित परिवारों को हर संभव मदद का निर्देश दिया है। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि आजादी के बाद भी दलितों, शोषितों व आदिवासियों के ऊपर अन्याय, अत्याचार व उत्पीड़न बंद नहीं हुआ है। उन्होंने केंद्र और अधिकतर राज्य सरकारों पर जातिवादी मानसिकता से काम करने का आरोप लगाया है।