दिल्ली के न्यू उस्मानपुर में सोमवार तड़के पांटून पुल से यमुना में गिरकर दो छात्रों की मौत हो गई। इनकी शिनाख्त सोनू (17) और बंटी (15) के रूप में हुई है।
दोनों छात्र दो अन्य दोस्तों के साथ एक ही बाइक पर सवार होकर सुबह की सैर के लिए निकले थे। इस बीच पांटून पुल पर पहुंचने पर बाइक का संतुलन बिगड़ गया और दो किशोर यमुना में गिर गए। खबर मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई।
गोताखोरों की मदद से करीब डेढ़ घंटे बाद दोनों के शवों को पानी से निकाला गया। पुलिस ने शवों को जीटीबी अस्पताल भेज दिया है। मंगलवार को पोस्टमार्टम होगा। न्यू उस्मानपुर पुलिस हादसे में बचे दोनों किशोरों से पूछताछ कर रही है।
पुलिस के मुताबिक, सोनू परिवार के साथ वी-ब्लॉक, गली नंबर-1, ब्रह्मपुरी में रहता था। उसके परिवार में मां शीला, तीन भाई व चाचा महेश हैं। सोनू के पिता की तीन साल पहले मौत हो चुकी है। वह घोंडा के सरकारी स्कूल में 11वीं कक्षा का छात्र था। बंटी भी सोनू की गली में रहता था। उसके परिवार में माता-पिता के अलावा एक भाई व बहन हैं। बंटी उसी स्कूल में नौवीं का छात्र था।
उसके चाचा महेश ने बताया कि सोनू, बंटी और पास में ही रहने वाला उनका दोस्त गौरव (15) सुबह की सैर के लिए न्यू उस्मानपुर यमुना खादर जाते थे। सुबह करीब 5 बजे तीनों दोस्त सैर के लिए निकले। इस बीच उन्हें बाइक पर मोनू (16) मिला। उसने तीनों से कहा कि बाइक पर सैर के लिए चलते हैं। तीनों इसके लिए तैयार हो गए।
मोनू बाइक पर तीनों को बैठाकर न्यू उस्मानपुर तीसरा पुश्ता की ओर ले गया। वहां पांटून पुल पर पहुंचते ही बाइक का संतुलन बिगड़ गया। इससे सोनू और बंटी यमुना में गिर गए, जबकि गौरव व मोनू बाइक समेत पुल पर गिरे। गौरव ने फौरन अपने पिता ओम प्रकाश को हादसे की खबर दी।
ओमप्रकाश पुलिस को सूचना देने के बाद मौके पर पहुंचे। परिजनों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने शवों को पानी से निकालने के बाद अस्पताल ले जाने में देर की। पानी से निकालने के बाद बच्चों की सांस चल रही थी। हालांकि, पुलिस इससे इंकार कर रही है। पुलिस का कहना है कि एक-डेढ़ घंटे बाद पानी से निकले बच्चों के जिंदा होने की आशंका नहीं थी।