जालंधर से गाजियाबाद और नई दिल्ली जाने वाले 70 से ज्यादा रेल यात्री परेशान रहे। रेलवे अफसर जालंधर-नई दिल्ली एक्सप्रेस में चेयर कार एसी कोच लगाना ही भूल गए।
ऐसे में महीनों पहले कंफर्म टिकट लेने के बावजूद अधिकांश यात्रियों को जनरल और स्लीपर कोच में सफर करना पड़ा। कई ने अपनी यात्रा ही रद्द कर दी। अब यात्री अपने रिफंड के लिए चक्कर काट रहे हैं।
मामला रविवार को हुआ। जालंधर-नई दिल्ली एक्सप्रेस (14682) में एसी चेयर कार के यात्री उस समय हैरान रह गए जब पूरी ट्रेन में उनका कोच ही लगा नहीं मिला। ट्रेन चली तो ऐसे यात्री जनरल और स्लीपर में सवार हो गए।
रास्ते भर ऐसे यात्रियों की टीटीई से झड़प होती रही। गाजियाबाद स्टेशन पर उतरी दो महिलाओं ने भी जमकर हंगामा किया। महिलाओं का कहना था कि जालंधर में टीटीई ने यात्रियों को आश्वासन दिया कि गाजियाबाद में उन्हें टिकट का पैसा रिफंड हो जाएगा।
गाजियाबाद में आकर भी महिलाएं भटकती रहीं। उन्होंने बुकिंग केंद्र पर जाकर हंगामा किया तो टीटीई ने उनसे टीडीआर भरवाई। अब डेढ़ महीने के भीतर यात्रियों के घरों पर कैश वाउचर पहुंचेगा। इसे दिखाकर वह रिजर्वेशन काउंटर से टिकट का पैसा रिफंड ले सकेंगे।
डीटीएम डीके चोपड़ा का कहना है कि मामला संज्ञान में नहीं है। कई बार कोच न होने से ऐसा हो जाता है। ऐसी स्थिति में ट्रेन जहां से चलती है।
वहीं यात्रियों को बताया जाता है कि या तो वह टिकट का पैसा रिफंड ले लें, या फिर दूसरे कोच में चले जाएं। फिर दोनों कोच के टिकट की कीमत का अंतर उन्हें दे दिया जाता है।