दिल्ली में इलाहाबाद बैंक के विभिन्न स्थानों पर लगे एटीएम से करीब 1.17 करोड़ रुपये के गबन के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी गबन के रुपये से लग्जरी कार और मकान खरीदना चाहते थे। पुलिस के मुताबिक वारदात के मास्टरमाइंड राजन भारद्वाज ने फरीदाबाद में होंडा सिटी कार भी बुक करा दी थी। जबकि उसका सहयोगी शंकर झा दिल्ली में फ्लैट की तलाश कर रहा था।
राजन बीए पास है, जबकि शंकर 12वीं पास है। करीब दो महीने से वे फरार आरोपी अजीत सिंह के साथ एटीएम में कैश लोड कराने के दौरान रोजाना दो से चार लाख रुपये निकाल लेते थे। सेक्टर-24 पुलिस ने शनिवार रात करीब 10.35 बजे सेक्टर-11 स्थित वीडियोकॉन चौराहे से राजन निवासी फरीदाबाद और शंकर झा निवासी गोविंदपुरी दिल्ली को गिरफ्तार करके मामले का खुलासा कर दिया है। दोनों के पास से 19.75 लाख रुपये बरामद हुए हैं।
सेक्टर-11 स्थित लॉजीकैश सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड कंपनी में आरोपी राजन भारद्वाज और शंकर झा कस्टोडियन ऑफिसर थे। यहां छह माह से शंकर और करीब एक साल से राजन नौकरी कर रहा था। कंपनी के पास दिल्ली के करीब 24 एटीएम में कैश भरने का ठेका है।
मशीनों को डी-कोड कर निकालते थे पैसा
इनमें से प्रतिदिन करीब 15 एटीएम में कैश डाला जाता है। राजन और शंकर ही अजीत सिंह के साथ एटीएम में रुपये डालने जाते थे। इन्हें कंपनी से एटीएम का कोडवर्ड व पासवर्ड मिला था। आरोपियों को प्रशिक्षण देकर एटीएम में कैश डालने व निकालने की तकनीकी जानकारी दी गई थी। प्रशिक्षण के दौरान ही इनके मन में रुपये उड़ाने का लालच आया था।
सेक्टर-24 प्रभारी पंकज पंत ने बताया कि आरोपी योजना के तहत एटीएम मशीनों को जंपिंग और डी-कोड करके रुपये निकालते थे। आरोपी एटीएम के कोड वर्ड व पासवर्ड की मदद से पहले एटीएम मशीन में नकदी डालते थे और इसकी पर्ची निकाल लेते थे। इसके बाद एटीएम को जंप व डी-कोड करके दो से चार लाख रुपये निकालकर आपस में बांट लेते थे और पर्ची को कंपनी में जमा कर देते थे। आरोपियों ने दिल्ली के हरिनगर एक्सटेंशन, बदरपुर, साकेत, कालकाजी और नेहरू प्लेस स्थित एटीएम से सबसे अधिक रुपये निकाले थे।
हर महीने ऑडिट के बाद भी नहीं चल सका पता
पुलिस का कहना है कि बैंक हर महीने कैश का ऑडिट करता है। एचआर विभाग को पहले महीने ही इस धोखाधड़ी को पकड़ लेना चाहिये था, लेकिन दो महीने तक इसे पकड़ा नहीं जा सका। इसके अलावा कंपनी के कर्मचारियों पर भी मिलीभगत का शक है। इन सभी से पूछताछ की जाएगी।
सेक्टर-24 थाने में धोखाधड़ी से एटीएम से 1.17 करोड़ रुपये निकालने की रिपोर्ट दर्ज हुई थी। पकड़े गए दो आरोपियों ने पूछताछ में जुर्म कबूल कर लिया। अभी एक आरोपी फरार है। इस धोखाधड़ी में लॉजिकैश कंपनी व बैंक के कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। - अरुण कुमार सिंह, एसपी सिटी, नोएडा।