कश्मीरी गेट पर सीईओ कार्यालय घेरने निकले विपक्षी दल, प्रदर्शन में भाकपा, माकपा, राजद, राकांपा और आरएसपी के कार्यकर्ता भी हुए शामिल
संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। एसआईआर और मतदाता सूची से वोट काटे जाने के आरोपों को लेकर आम आदमी पार्टी (आप) ने बुधवार को कश्मीरी गेट पर शक्ति प्रदर्शन किया। आप कार्यकर्ता सिंधी अकादमी के पास से दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय की ओर बढ़े, लेकिन पुलिस ने रास्ते में कई स्तर की बैरिकेडिंग कर उन्हें रोक दिया। रास्ता बंद होने से नाराज कुछ कार्यकर्ता बैरिकेड पर चढ़ गए और वहीं खड़े होकर नारेबाजी करने लगे। कुछ ने बैरिकेड हटाने का प्रयास भी किया। इससे मौके पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनातनी की स्थिति बनी रही।
प्रदर्शनकारियों ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और एसआईआर के दौरान मतदाता सूची से हटाए गए नामों को दोबारा जोड़ने की मांग की। प्रदर्शन में भाकपा, माकपा, राजद, राकांपा और आरएसपी समेत कई विपक्षी दलों के कार्यकर्ता भी शामिल हुए। कांग्रेस ने भी कश्मीरी गेट पर एसआईआर के खिलाफ प्रदर्शन किया।
आप के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने आरोप लगाया कि 2025 के दिल्ली विधानसभा चुनाव में पार्टी के कई नेताओं और समर्थकों के नाम मतदाता सूची से हटाए गए। उन्होंने कहा कि पार्टी ने पहले भी दिल्ली में मतदाता सूची से जुड़ी गड़बड़ियों का मुद्दा उठाया था। भारद्वाज ने आशंका जताई कि ऐसी गड़बड़ी अब देश के अन्य हिस्सों में भी हो सकती है। उन्होंने हटाए गए मतदाताओं के नाम दोबारा जोड़ने और मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे की मांग की।
वोट काटकर सरकार बनाने का आरोप
बुराड़ी विधायक संजीव झा ने आरोप लगाया कि 2025 के विधानसभा चुनाव में आप समर्थकों के वोट काटे गए, जिसका पार्टी को नुकसान हुआ। तिलक नगर विधायक जरनैल सिंह ने कहा कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त के खिलाफ कार्रवाई और उनके इस्तीफे तक आंदोलन जारी रहेगा। कोंडली विधायक कुलदीप कुमार ने भी इस्तीफे की मांग की। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के खिलाफ आप कार्यकर्ता लगातार आवाज उठाते रहेंगे। पुलिस बैरिकेडिंग के बावजूद प्रदर्शनकारी काफी देर तक नारेबाजी करते रहे। इससे कश्मीरी गेट इलाके में कुछ समय के लिए तनावपूर्ण माहौल बना रहा।