अपराध शाखा के संयुक्त आयुक्त रविंद्र यादव ने बताया कि छानबीन के दौरान जब पुलिस ने सोनी की 11 वर्षीय बेटी से पूछताछ की तो उसने बताया कि उसकी मां सारे दिन रोती रहती थी।
आरोपियों ने सोनी की बेटी का स्कूल में दाखिला भी नहीं होने दिया था। बेटी का दाखिला न होने से भी सोनी काफी हताश थी। सोनी का पति उसे काफी समझाता था, लेकिन इसके बावजूद वह डिप्रेशन में चली गई और उसने यह कदम उठा लिया।
अब तक दो एफआईआर हुई दर्ज
सोनी से छेड़छाड़ और उसकी आत्महत्या के बाद पुलिस ने दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज की थी। पहली एफआईआर दो जून को दर्ज हुई। इसमें रमेश के खिलाफ पहले जान से मारने की धमकी और अश्लील फब्तियां कसने का मामला दर्ज किया गया था।