सौरभ भारद्वाज ने रविवार की सुबह भारत मंडपम में पानी जमा होने का एक वीडियो ट्वीट करके उपराज्यपाल को कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने भारत मंडपम में पानी भरने के मामले को बहुत गंभीर करार दिया। उन्होंने उपराज्यपाल से कहा कि आपके 50 से अधिक निरीक्षणों के बाद भी जी-20 शिखर सम्मेलन के मुख्य इलाके मंडपम में पानी भर गया। दिल्ली के मंत्री के तौर पर उनका वहां तक अधिकार नहीं है, अन्यथा वह आपकी मदद जरूर करते।
उधर उनके ट्वीट करने के बाद भारत मंडपम में पानी भरने के मामले में लोगों के बीच प्रतिक्रिया करने में होड़ लग गई। कई लोगों ने उनका समर्थन करते हुए कहा कि उपराज्यपाल को सच्चाई से अवगत कराना आवश्यक था। वहीं कई लोगों ने तर्क दिया कि जब उपराज्यपाल सारे कार्य का श्रेय ले रहे हैं तो खामी के लिए भी उनको जिम्मेदार ठहराना चाहिए, वहीं कुछ लोगों ने सौरभ भारत के इस कदम की निंदा की।
उन्होंने कहा कि देश की प्रतिष्ठा के दावं पर लगे होने के मामले में टिप्पणी करना उचित नहीं होता। वहीं प्रदेश कांग्रेस ने भारत मंडपम में पानी भरने पर अप्रत्यक्ष तौर पर केंद्र सरकार पर निशाना साधा।
भारत मंडपम पर नहीं हुआ जलभराव : एलजी कार्यालय
सम्मेलन के दौरान आई बारिश के बाद भी आयोजन में किसी प्रकार की परेशानी नहीं हुई। भारत मंडपम पर राष्ट्रपति के रात्रिभोज के दौरान बारिश हुई थी। बारिश को देखते हुए उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने आकस्मिक योजना को तुरंत सक्रिय कर दिया।
उपराज्यपाल कार्यालय के मुताबिक, आईटीपीओ अधिकारियों ने उपराज्यपाल को बताया कि रविवार को सुबह पांच बजे भारत मंडपम के गेट नंबर 5 के पास पार्किंग क्षेत्र में रात भर हुई बारिश के कारण कुछ जलभराव हो गया। ऐसे में तत्काल हेवी ड्यूटी आकस्मिक पंपों का इस्तेमाल कर जलभराव दूर कर दिया गया। सुबह 10 बजे से शुरू होने वाले सम्मेलन के दूसरे सत्र के लिए कार्यक्रम स्थल को पहले की तरह साफ कर दिया गया।
उपराज्यपाल कार्यालय के मुताबिक, बाढ़ की आशंका वाले कुछ स्थानों पर हुए जलभराव के लिए, पंपों को तुरंत चालू कर दिया गया और रात में ही केवल 15 मिनट के भीतर उसे साफ कर दिया गया। इसी प्रकार बारिश और तेज हवा के कारण गिरे हुए गमलों को भी तुरंत बदला गया। एनडीएमसी क्षेत्र में पेड़ गिरने की एक घटना का तुरंत निराकरण किया गया। ऐसे ही नोजल बंद होने के कारण फव्वारे के काम न करने की समस्या का भी तुरंत समाधान किया गया। सभी फव्वारे लगातार काम करते रहे। सभी विभागों के अधिकारी मुस्तैद रहे। सभी अधिकारी समस्याओं के समाधान के लिए उठाए जा रहे कदमों के बारे में समय-समय पर उपराज्यपाल को रिपोर्ट कर रहे थे। यह प्रक्रिया पूरी रात जारी रही। वहीं, राजघाट पर श्रद्धांजलि देने के लिए आने वाले अतिथियों को कोई असुविधा न हो, इसके लिए सुनिश्चित किया गया कि प्रत्येक अतिथि के आने के बीच के 90 सेकंड के अंतराल में बारिश से गीले हो चुके फर्श को पूरी तरह से साफ कर दिया गया।
उपराज्यपाल ने सभी को दिया धन्यवाद
शिखर सम्मेलन को सफल बनाने के लिए उपराज्यपाल ने दिल्ली-एनसीआर के सभी निवासियों और अधिकारियों को सहयोग के लिए धन्यवाद दिया है। इस आयोजन को सफल बनाने में सभी विभागों ने दिन रात काम किया।