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अजय माकन ने किया 1 हजार करोड़ का घोटाला!

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आम आदमी पार्टी (आप) ने कांग्रेस महासचिव और नई दिल्ली से प्रत्याशी अजय माकन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने कांग्रेस के दिग्गज नेता और नई दिल्ली पर अपने विपक्षी अजय माकन को खुली बहस की दी चुनौती दे दी है। यही नहीं उन्होंने अजय माकन पर एक ऐसा आरोप लगा दिया है, जो इस बार इस सीट का चुनावी मुद्दा बन सकता है।
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आशीष खेतान ने माकन को चुनौती दी कि वह कठपुतली कॉलोनी में चलकर खुली बहस करें। खेतान ने कहा कि माकन नई दिल्ली से सांसद हैं। लेकिन इन्होंने वहां जाकर कभी भी लोगों की दर्द नहीं सुना।

वहां आज न पानी है न सीवर, साफ-सफाई, स्कूल जैसी बेहद जरूरी सुविधाओं से लोग महरूम हैं। बावजूद इसके अब उन्हें उजाड़ा जा रहा है। खेतान के मुताबिक, वह बुधवार पूरी रात कठपुतली कॉलोनी में गुजारेंगे। अगर कॉलोनी को तोड़ने की कोशिश की गई तो आम आदमी पार्टी हर स्तर पर उसका विरोध करेगी।
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एक हजार करोड़ के घोटाले का आरोप

आम आदमी पार्टी (आप) ने कांग्रेस महासचिव और नई दिल्ली से प्रत्याशी अजय माकन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। नई दिल्ली सीट से आप के उम्मीदवार व खोजी पत्रकार आशीष खेतान ने माकन पर एक हजार करोड़ रुपये के घपले का आरोप लगाया है। खेतान की मानें तो तत्कालीन शहरी विकास मंत्री माकन ने एक बिल्डर को फायदा पहुंचाने केलिए अपने पद का दुरुपयोग किया।

उन्होंने डीडीए की ऑडिट सेल की आपत्तियों को नजरअंदाज करते हुए कठपुतली कॉलोनी की महंगी जमीन को कौड़ियों के भाव दिलाने में मदद की। इस मामले में खेतान ने माकन को खुली बहस की चुनौती भी दी। आशीष खेतान के मुताबिक, कठपुतली कॉलोनी घोटाले का मामला कांग्रेस सरकार के 2जी, कोयला घोटालों जैसा ही है।

इसमें सीधे तौर पर कांग्रेस नेता अजय माकन और एक बड़े बिल्डर की साठगांठ सामने आ रही है। खेतान का आरोप है कि शहरी विकास मंत्री के तौर पर माकन ने मध्य दिल्ली स्थित कठपुतली कालोनी की 17,500 वर्ग मीटर जमीन रहेजा बिल्डर को महज छह करोड़ रुपये में दे दी। इसके बदले में झुग्गी के विस्थापन के नाम पर 2,800 ईडब्ल्यूएस श्रेणी के फ्लैट बनाने की शर्त भर रखी गई। इसकी कीमत 50-60 करोड़ रुपये केबीच है।
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माकन से से पूछे ये 4 सवाल

खेतान ने बताया कि इस मामले में डीडीए के ऑडिट सेल ने इस कदम पर आपत्ति जताई थी। ऑडिट रिपोर्ट में जमीन की कीमत एक हजार करोड़ रुपये से ज्यादा आंकी गई थी।

अगर रहेजा बिल्डर का पूरा खर्च जोड़ लिया जाए तो एक हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की जमीन केलिए उसे अधिकतम 66 करोड़ रुपये खर्च करने पड़े। मंत्रालय के इस फैसले से डीडीए को 950 करोड़ रुपये का घाटा उठाना पड़ा। ऐसे में खेताने चार प्रमुख सवाल अजय माकन से पूछे हैं।

1: डीडीए की ऑडिट सेल ने जब जमीन की कीमत पर सवाल उठाए थे तो शहरी विकास मंत्रालय ने इस पर क्या कदम उठाए? 2: रहेजा बिल्डर को पूरी जमीन कौड़ियों के भाव क्यों दी गई? 3: माकन और रहेजा में क्या संबंध हैं? अगर हां, तो किस तरह के? 4: कॉलोनी निवासियों की तरफ से याचिका दायर करने केचार दिन के भीतर कॉलोनी को तोड़ने केआदेश क्यों दिए गए?
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