आम आदमी पार्टी की महिला विंग ने बुधवार को कृषि कानूनों के विरोध में मानव श्रृंखला बना आईटीओ चौराहा पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में महिला प्रदेश अध्यक्ष लेकर बूथ स्तर तक के महिला पदाधिकारियों ने विरोध दर्ज कराया।
प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार द्वारा किसानों के संबंध में पास के गए तीनों कृषि कानूनों को काला व किसान विरोधी कानून बताया । आम आदमी पार्टी की महिला विंग की ओर से महिला विंग की प्रदेश प्रभारी सरिता सिंह ने कहा कि किसान देश का अन्नदाता हैं। केंद्र के तीन काले कानूनों के खिलाफ किसान पिछले कई दिनों से सड़कों पर उतरा हुआ है। ऐसे में आखिर केंद्र सरकार किसानों से बात क्यों नहीं कर रही है और ऐसी क्या मजबूरी है।
उन्होंने कहा कि न्यूनतम समर्थन मूल्य पर भाजपा की केंद्र सरकार अपना रुख साफ क्यों नहीं कर रही है, जब देश के किसी भी किसान ने इस कानून की मांग नहीं की तो यह काला कानून किसानों पर आखिर क्यों थोपा जा रहा है।
वहीं, पार्टी के महिला विंग की प्रदेश अध्यक्ष निर्मला कुमारी ने कहा कि पिछले कई दिनों से किसान दिल्ली की सरहदों पर बैठा हुआ है और केंद्र सरकार से गुहार लगा रहा है, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह समेत अन्य नेता किसानों की बात नहीं सुन रहे हैं।
उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी के सभी सांसद, विधायक व निगम पार्षद समेत अन्य कार्यकर्ता किसानों के संघर्ष के साथ हैं। उन्होंने मांग करते हुए कहा कि जल्द से जल्द किसानों की बात सुनी जाए और उनकी मांगे मानी जाए। किसान विरोधी कानून जबरदस्ती किसानों पर थोपे जा रहे हैं, जिसके कारण देश में आंदोलन खड़ा हो गया है। ऐसे में तीनों काले कानूनों को जल्द से जल्द वापस लेना चाहिए।
उन्होंने कहा कि भारत एक लोकतांत्रिक देश है और संविधान देश के हर नागरिक को अपने हक के लिए लड़ने का अधिकार देता है। ऐसे में देश का किसान भी अपने अधिकारों के लिए लड़ रहा है। उन्होंने कहा कि जब तक केंद्र किसान विरोधी बिल को वापस नहीं लेती तब तक आम आदमी पार्टी का आंदोलन भी इसी प्रकार जारी रहेगा।