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MCD चुनाव में AAP की हार से राइट टू रिकॉल को मिली हवा, 6 प्वॉइंट्स में जानें कैसे?

Thu, 27 Apr 2017 03:53 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
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नगर निगम चुनाव के परिणाम से दिल्ली सरकार की सेहत से बेशक सीधा ताल्लुक नहीं है, लेकिन निगम में सत्ता नहीं मिलने से आम आदमी पार्टी (आप) सरकार पर भी सवाल उठ रहे हैं। निगम चुनाव को दिल्ली सरकार के कामकाज का जनमत संग्रह मानते हुए विपक्षी दलों ने राइट टू रिकॉल को हवा दी है। इसके लिए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के रामलीला मैदान के शपथ ग्रहण समारोह के भाषण को आधार बनाया जा रहा है।
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4.एग्जिट पोल नहीं हुए एग्जिट    

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1. इस मामले में सबसे आगे कभी केजरीवाल के सहयोगी रहे व फिलहाल स्वराज इंडिया के अध्यक्ष योगेंद्र यादव हैं। योगेंद्र यादव का कहना है कि मुख्यमंत्री ने खुद ही निगम चुनाव को एक तरह से अपने रेफरेंडम में तब्दील कर दिया था। लिहाजा रामलीला मैदान में बार-बार दोहराए गए रिकॉल के सिद्धांत के अनुसार केजरीवाल और उनकी पार्टी को दिल्ली की जनता से यह पूछना चाहिए कि अब उन्हें सत्ता में रहने का अधिकार है या नहीं।
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5. होर्डिंग का जवाब होर्डिंग से दिया विजेंद्र गुप्ता ने

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mcd election - फोटो : कुमार संजय/अमर उजाला
2. वहीं, भाजपा अध्यक्ष मनोज तिवारी ने कहा कि केजरीवाल बार-बार राइट टू रिकॉल की बात करते थे। अब के जरीवाल राइट टू रिकॉल को याद करें। दिल्लीवासियों ने केजरीवाल के खिलाफ जनमत दिया है। वहीं, कांग्रेस प्रवक्ता शर्मिष्ठा मुखर्जी का कहना है कि हालांकि, संविधान में इसका कोई प्रावधान नहीं है लेकिन इस मसले को हवा देने वाले केजरीवाल को नैतिक आधार पर खुद से सवाल करना चाहिए।

6.चंदा बंद सत्याग्रहियों ने भी मांगा केजरीवाल का इस्तीफा      

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3. दूसरी तरफ आप नेताओं का कहना है कि इस पैमाने पर तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी इस्तीफा देना चाहिए था। आप नेता आशुतोष ने कहा कि 2014 के संसदीय चुनाव के बाद 2015 में जिस तरह दिल्ली में उनकी हार हुई थी, बिहार चुनाव भी हारे थे। तो क्या प्रधानमंत्री ने इस्तीफा दे दिया था। पाटी़ॱर का कहना है कि ईवीएम से छेड़छाड़ करके मिली विजय को दिल्लीवासियों की इच्छा नहीं मानी जा सकती।
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4. नगर निगम की सियासी तस्वीर कमोवेश वैसी ही रही, जैसी संभावना एग्जिट पोल में दिखायी गई थी। हालांकि, भाजपा 200 के आंकड़े को पार नहीं कर सकी। चुनाव के दिन शाम को जारी हुए सभी एग्जिट पोल में भाजपा की बंपर जीत होने की भविष्यवाणी की गई थी। भाजपा नेताओं ने तो इससे रजामंदी जाहिर की थी, लेकिन कांग्रेस व आप नेता इससे असहमत दिखे थे। आप का कहना था कि अगर ईवीएम से छेड़छाड़ नहीं की गई तो परिणाम इसके उलट होगा।
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5. वहीं, कांग्रेस का कहना था कि उनका प्रदर्शन आप से बेहतर रहेगा। लेकिन चुनाव परिणाम ने एग्जिट पोल को सही साबित किया है। हालांकि, सभी पोल में 200 से ज्यादा सीट भाजपा को मिलती दिख रही थी। लेकिन भाजपा का प्रदर्शन इससे थोड़ा नीचे रहा। वहीं, कांग्रेस से ज्यादा सीटें आप का मिलीं। विधानसभा में नेता प्रति विजेंद्र गुप्ता ने होर्डिंगवार में अरविंद केजरीवाल से हिसाब बराबर करने की कोशिश की है। निगम चुनाव जीतने के बाद दिल्ली में लगाए गये होर्डिंग में गुप्ता की तस्वीर बेहतर है, जबकि केजरीवाल की तस्वीर मायूसी की मुद्रा में सिर पर हाथ रखे हुए है। इस पर लिखा है कि तो केजरीवाल जी, एमसीडी की बागडोर किसको मिली। दिल्लीवासियों को बधाई। केजरीवाल को हैसियत बताई। गौरतलब है कि इससे पहले केजरीवाल ने होर्डिंग में नगर निगम में कौन हो एक तरफ केजरीवाल व दूसरी तरफ विजेंद्र गुप्ता की फोटो लगाई थी। इसमें विजेंद्र की फोटो मायूसी वाली व अजीब थी।
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6. चंदा बंद सत्याग्रह के संयोजक डॉ मुनीष रायजादा ने एमसीडी चुनावों में आप की हार के लिए केजरीवाल को जिम्मेदार बताते हुए इस्तीफा मांगा है। रायजादा का कहा है कि एमसीडी चुनावों में आप का सूपड़ा साफ होने पर उन्हें कोई हैरानी नहीं है। जमीनी स्तर पर लोगों को काफी रोष था। इसकी पूरी जिम्मेदारी केजरीवाल की है। लिहाजा उन्हें मुख्यमंत्री बने रहने का कोई हक नहीं है।  
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