प्रदूषण की चपेट में पूरा उत्तर भारत
पार्टी मुख्यालय में प्रेसवार्ता में रीना ने बताया कि वायु प्रदूषण से पूरे उत्तर भारत में लोगों का दम घुट रहा है, लेकिन इसे नियंत्रित करने के लिए केंद्र सरकार के पास कोई कार्ययोजना नहीं है। विश्व के 50 सबसे प्रदूषित शहरों में 39 शहर हमारे देश से हैं। इनमें 20 शहर उत्तर प्रदेश के हैं। पूरे देश में एकमात्र दिल्ली की केजरीवाल सरकार है जो विंटर और समर एक्शन प्लान बनाकर वायु प्रदूषण को कम करने के लिए कड़े कदम उठा रही है। इसी के परिणाम स्वरूप पिछले कुछ सालों में दिल्ली की हवा में 30 फीसदी का सुधार हुआ है।
दिल्ली में बाहर से आ रहा प्रदूषण
केंद्र की आईएमडी विभाग की वेबसाइट से पता चलता है कि दिल्ली में 70 फीसदी प्रदूषण बाहरी राज्यों से आ रहा हैं। जब पार्टी ने बाहरी राज्यों से दिल्ली में आ रहे प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए आवाज उठाई तो केंद्र ने उस वेबसाइट पर आंकड़े देने बंद कर दिए। पार्टी की मांग है कि उत्तर भारत के सभी राज्यों के पर्यावरण मंत्रियों की एक उच्चस्तरीय मीटिंग बुलाई जाए और सफर वेबसाइट पर आंकड़े देना शुरू किया जाए।
एनसीआर में जल रहे 2000 ईंट भट्ठे
उन्होंने कहा कि एनसीआर में 2000 ईंट के भट्ठे हैं जो पुरानी तकनीक से चल रहे हैं। उसमें से 150 भट्ठे गाजियाबाद व 250 मुजफ्फरनगर में हैं। इनका धुआं दिल्ली में आता है। एनजीटी ने आर्डर पास किया कि सभी इंडस्ट्रीज को स्वच्छ ईंधन यानी कि पीएनजी पर चलाया जाए। दिल्ली सरकार ने कदम उठाया जिसके बाद से सभी इंडस्ट्रीज पीएनजी पर चल रही हैं, लेकिन एनसीआर में अब तक कोई कदम नहीं उठाया गया है।