आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने जेल से देश के नाम पत्र लिखा है। उन्होंने फर्जी केस बनाकर गिरफ्तार करने और पार्टी को खत्म करने की भाजपा सरकार पर साजिश रचने का आरोप लगाया है।
उन्होंने लिखा कि उनकी गिरफ्तारी का मुख्य कारण आवाज को खामोश करना है, लेकिन जेल में गुजरते हर दिन के साथ निरंकुश सत्ता से लड़ने की उनकी इच्छाशक्ति और मजबूत हो रही है। वे हमेशा बिना डरे अन्याय, भ्रष्टाचार और देश के संसाधनों की खुली लूट के खिलाफ मुखर होकर आवाज उठा रहे हैं। उनकी यह बात प्रधानमंत्री को सबसे बुरी लगी और फंसाने के लिए पूरी तरह झूठा मामला बनाया गया, लेकिन उन पर लगे आरोप भी एक दिन झूठे साबित होंगे।
आगे लिखा कि वे जेल में महात्मा गांधी की सत्य के प्रयोग, डॉ. राम मनोहर लोहिया की जाति प्रथा और नेल्सन मंडेला की जीवनी पढ़ रहे है। इन महापुरुषों के संघर्ष, राष्ट्र के प्रति उनके समर्पण को पढ़कर लगा कि हर दौर में जुर्म के खिलाफ लड़ने वाले लोगों को हुकूमत ने दमन का शिकार बनाया है, लेकिन यह भी सच है कि दमन जितना उग्र होता है, विरोध और जन आक्रोश उतना ही तीव्र होता है।
संजय सिंह ने आगे लिखा कि आजादी के बाद देशभर में तमाम सरकारें बनीं, लेकिन शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में जैसा सराहनीय कार्य केजरीवाल सरकार ने किया, वह देश और दुनिया में एक उदाहरण बन गया। केजरीवाल का काम मोदी सरकार की आंखों की किरकिरी बन गया है। इसी कारण इन्होंने दमन का रास्ता अपनाया। लोकतंत्र और संविधान का गला घोंटकर दिल्ली सरकार के सारे अधिकार छीन लिए।