नई दिल्ली के विधानसभा चुनाव में ‘आप’ के उम्मीदवार रहे धर्मवीर सिंह ने इस्तीफा दे दिया है।
धर्मवीर सिंह कालकाजी सीट से चुनाव लडे़ थे। उन्होंने ‘आप’ पर नीतियों से भटकने का आरोप लगाते हुए पार्टी छोड़ दी। धर्मवीर ने पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की कार्यशैली की भी कड़ी आलोचना की।
अरविंद केजरीवाल को भेजे इस्तीफे में धर्मवीर सिंह ने कई सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि चुनाव के बाद ‘आप’ ने सभी उम्मीदवारों को अपने-अपने क्षेत्र की समस्याएं जमा करने का निर्देश दिया था, लेकिन सरकार बनने के बाद इस बारे में किसी ने ध्यान नहीं दिया।
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उन्होंने कहा कि सरकार बनाते समय तो केजरीवाल ने अपने 70 विधायकों-उम्मीदवारों व जनता से रायुशमारी कराई थी, लेकिन इस्तीफा देते समय एकतरफा फैसला ले लिया। केजरीवाल ने कई मौकों पर संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया।
अब स्टडी टूर के नाम पर गुजरात में तमाशा कर रहे हैं। इससे साफ होता है कि पार्टी व उसके नेता अहंकारी हो गए हैं।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस के हाथों की कठपुतली बन गई ‘आप’ के साथ बने रहने का अब कोई खास औचित्य नहीं है। धर्मवीर सिंह ने कालकाजी से चुनाव लड़ा था, लेकिन वह शिरोमणि अकाली दल के हरमीत सिंह से हार गए थे।