पूर्ण राज्य के दर्जे पर जनमत संग्रह की पूरी योजना तैयार होने से पहले ही आम आदमी पार्टी (आप) ने मुहिम छेड़ दी है। बुधवार को इसकी शुरुआत सोशल नेटवर्किंग साइट्स से हुई।
पार्टी ने फेसबुक व ट्विटर पर दिल्ली फॉर फुल स्टेटहुड नाम ने अभियान चलाया है। इसके बाद पार्टी कार्यकर्ता इस मसले को आम लोगों के बीच ले जाएंगे। इसमें पूरा जोर कांग्रेस-भाजपा को उसके वादे याद दिलाने पर है।
पार्टी रणनीतिकारों का मानना है कि पूर्ण राज्य का मसला सियासी तौर पर बेहद संवेदनशील है। ‘आप’ दोनों विपक्षी दलों से फिलहाल इस मामले में बढ़त बनाए हुए है।
सोशल मीडिया पर दिल्लीफॉरफुलस्टेटहुड
खास तौर से इसलिए कि हर चुनाव से पहले कांग्रेस और भाजपा इस मसले का जोर-शोर से उठाती है। लेकिन चुनावी जीत के शोर में इसे दबाया जाता है।
पार्टी की कोशिश है कि कांग्रेस-भाजपा को उनके चुनावी वादे को याद दिलाते हुए इसे जनता के बीच ले जाएं। आप को इसमें दोहरा फायदा दिख रहा है।
कांग्रेस व भाजपा अगर इस मसले का विरोध करती हैं तो उनकी कथनी-करनी का फर्क लोगों के सामने होगा। वहीं, साथ आने पर भी आप की साख मजबूत होगी।
जनमत संग्रह के लिए बनेगा माहौल?
इसके अलावा जनमत संग्रह से पहले ही दिल्ली में पूर्ण राज्य के दर्जे के हक में माहौल बनेगा। पार्टी के एक वरिष्ठ पदाधिकारी के मुताबिक, इस मसले पर आर-पार की लड़ाई शुरू हो गई है।
केंद्र सरकार अगर दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा नहीं देती है तो उसको बड़े पैमाने पर सियासी नुकसान उठाना पड़ेगा। पार्टी नेताओं का मानना है कि दिल्ली सरकार की देश में पहली बार जनमत संग्रह कराने की कोशिश है।
लिहाजा सभी कानूनी पहलुओं का अध्ययन हो रहा है। फिर, जरूरी नहीं कि केंद्र सरकार जनमत संग्रह से इत्तेफाक रखे। ऐसे में जन दबाव असरदार होगा।