आम आदमी पार्टी ने एक बड़ा कदम उठाते हुए चारों बागी नेताओं की पार्टी से छुट्टी कर दी है। प्रशांत-योगेंद्र समेत अन्य दो नेताओं को घोर अनुशासनहीनता और पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त रहने का दोषी बनाया गया।
पार्टी ने इन दो शब्दों को आधार बनाकर अनुशासन समिति की छह घंटे चली बैठक के बाद इन सभी को बाहर करने का फैसला ले लिया।
इन चारों नेताओं को इस मामले पार्टी की तरफ से कारण बताओ नोटिस जारी किया था, जिसको लेकर भी पार्टी की खासी फजीहत हुई थी। योगेंद्र ने इस नोटिस को ही कटघरे में लाकर खड़ा कर दिया था।
जिसने आरोप लगाया उसी ने की जांच
पार्टी के नेता योगेंद्र ने ये भी कहा था कि जिसने आरोप लगाया वही जांच कर रहे हैं ऐसे में जो होगा पता चल जाएगा। फिलहाल पार्टी ने सारी अटकलों पर विराम लगाते हुए बागियों को बाहर का रास्ता दिखा दिया।
पार्टी प्रवक्त दीपक बाजपेयी के मुताबिक पार्टी की अनुशासन समिति ने चारो नेताओं प्रशांत भूषण, योगेंद्र यादव, आनंद कुमार और अजीत झा को निकालने का फैसला किया है।
इन लोगों को अनुशासनहीनता और पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल रहने की वजह से पार्टी से निष्कासित किया गया है।
बागियों ने नोटिस का क्या दिया था जवाब
नोटिस के जवाब में पार्टी के नेताओं ने कड़े शब्दों में पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल को ही कटघरे में लाकर खड़ा कर दिया था। इन नेताओं ने कहा कि केजरीवाल तानाशाह की भूमिका में नजर आ रहे हैं।
बागियों ने पार्टी की अनुशासन समिति के दो सदस्यों पर ही प्लांड स्टोरी करने का आरोप लगा दिया। योगेंद्र यादव ने तो अनुशास समिति को ही अवैध करार दे दिया।
योगेंद्र बोले 8 मार्च को पार्टी की राष्ट्रीय परिषद की ‘‘अवैध’’ और ‘‘असंवैधानिक’’ बैठक के बाद इसका गठन किया गया था।