दिल्ली के मालवीय नगर इलाके में रहने वाली अफ्रीकी मूल की महिलाओं से छेड़छाड़ मामले में पूर्व कानून मंत्री एवं आप नेता सोमनाथ भारती का विवादों से नाता नहीं छूट रहा।
बुधवार को भारती से जुड़े एक मामले की सुनवाई के दौरान उस समय नाटकीय दृश्य उत्पन्न हो गया जब उनके वकील ने अदालत की अनुमति के बिना ऑडियो रिकॉर्डर बजाना शुरू कर दिया। आखिर अदालत ने नाराजगी जताते हुए मामले की सुनवाई करने से इंकार कर दिया।
साकेत अदालत स्थित मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट अंकिता लाल के समक्ष मामले की सुनवाई के दौरान भारती के वकील व अदालत के बीच कहासुनी हो गई। अदालत ने दिंसबर माह की तिथि तय करनी चाही लेकिन अधिवक्ता ने आपत्ति जताई और तुंरत सुनवाई के लिए जोर डाला।
भारती के वकील ने बजाया रिकॉर्डर
मामले में संक्षिप्त सुनवाई के बाद जब मजिस्ट्रेट ने आदेश लिखाना शुरू किया तो भारती के वकील ने एक ऑडियो रिकॉर्डर निकाला और अदालत में बजाना शुरू कर दिया।
अदालत ने आपत्ति जताते हुए आदेश में कहा कि वकील ने अदालत की पूर्व अनुमति के बिना ऑडियो रिकॉर्डर बजाया है। उसे जब्त कर लिया जाए।
भारती के वकील दीपक खोसला ने आपत्ति जतायी और सवाल किया कि किस कानून के तहत इसे जब्त किया जा रहा है। उन्होंने जिला एवं सत्र अदालत और सीएमएम से अनुमति होने का दावा किया।
आखिर अदालत ने सुनवाई से इनकार करते हुए पुन: मामला मुख्य मैट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट विवेक कुमार गुलिया के पास स्थानांतरित कर दिया।
जज ने सुनवाई से किया इनकार
उन्होंने कहा कि वे इस प्रकार याचि के आवेदन पर सुनवाई नहीं कर सकती। भारती ने छेड़छाड़ के इस मामले में उन्हें कथित तौर पर फंसाने को लेकर पुलिस अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की है।
मजिस्ट्रेट अंकिता लाल इस मामले की सुनवाई से इनकार करने वाली दूसरी मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट हैं। इसके पहले मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट नीति फुटेला ने तीन नवंबर को सुनवाई से खुद को अलग कर लिया था।
पुलिस ने हालही में सोमनाथ भारती व अन्य 17 लोगों के खिलाफ आरोपपत्र दायर किया था। मामला मालवीय नगर इलाके में रहने वाली अफ्रीकी मूल की महिलाओं से छेड़छाड़ का है। पूर्व मंत्री ने आधी रात के समय रेड डाली थी। महिलाओं ने इस दौरान छेड़छाड़ का आरोप भारती व अन्य आरोपियों पर लगाया था।